Maharashtra Sambhaji Bhide : महाराष्ट्र के अमरावती जिले में महात्मा गांधी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता संभाजी भिड़े इन दिनों कई सवालों के घेरे में आ गए है. साथ ही उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है. जहां एक ओर इस बयान के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने संभाजी के गिरफ्तारी पर जोर दिया है वहीं, अब राज्य सरकार के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने भी अपना अपनी पार्टी का रुख साफ करते हुए बयान दिया है.
महात्मा गांधी पर संभाजी भिड़े की आपत्तिजनक टिप्पणी पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस का कहना है, ‘मैं संभाजी भिड़े के बयान की निंदा करता हूं. महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं. उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के नेता के रूप में देखा जाता है.’ उनके खिलाफ बयान अनुचित है, लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. राज्य सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी. महात्मा गांधी का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
‘संभाजी भिड़े का बीजेपी से कोई संबंध नहीं’उन्होंने इस मामले पर मीडिया से बातचीत के क्रम में यह भी कहा है कि संभाजी भिड़े का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है, उनका अपना संगठन है. ऐसे में विपक्ष की ओर से जानबूझकर इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. जिस तरह से कांग्रेस के लोग इसे लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, उन्हें यह तब भी करना चाहिए जब राहुल गांधी वीर सावरकर के खिलाफ बोलते हैं. उस समय कांग्रेस जिस तरह उनके भाषण की वाहवाही करती है और विरोध के नाम पर चुप्पी साध लेती है, वह बिल्कुल भी सही नहीं है.
‘संभाजी को गिरफ्तार किया जाए’, कांग्रेस नेता नाना पटोलेवहीं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने इस बात पर जोर दिया कि संभाजी को गिरफ्तार किया जाए. पटोले ने कहा कि अगर भिड़े को सलाखों के पीछे नहीं डाला गया तो उनकी पार्टी 4 अगस्त को विधानसभा के मॉनसून सत्र की समाप्ति के बाद राज्यभर में आंदोलन करेगी. श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान संगठन के संस्थापक भिड़े पर आरोप है कि उन्होंने बीते गुरुवार को अमरावती जिले के बडनेरा रोड इलाके में भारत मंगल हॉल में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपिता के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की.
Also Read: Maharashtra Places To Visit: महाराष्ट्र के पास हैं घूमने के लिए ये खूबसूरत जगहें, देखिए पूरी लिस्ट आईपीसी की धारा 153 A के तहत मामला दर्जएक अधिकारी ने बताया कि अमरावती में राजापेठ पुलिस ने भिड़े के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए के तहत मामला दर्ज किया है. पटोले ने कहा, ‘‘अगर राज्य सरकार भिड़े को गिरफ्तार नहीं करती है, तो कांग्रेस 4 अगस्त को विधानसभा का मॉनसून सत्र समाप्त होने के बाद पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन करेगी.’’ पटोले ने आरोप लगाया कि भिड़े और भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संबंध जगजाहिर हैं और उन्हें उनसे संरक्षण मिल रहा है. पटोले ने यह भी दावा किया कि भिड़े कोरेगांव भीमा जातीय हिंसा मामले में शामिल हैं, लेकिन फिर भी वह मुक्त हैं. एक जनवरी, 2018 को पुणे के कोरेगांव भीमा इलाके में उस युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई थी जिसे दलितों द्वारा काफी महत्व दिया जाता है.
कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शनइस बीच, कांग्रेस विधायक यशोमति ठाकुर और पूर्व मंत्री सुनील देशमुख के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अमरावती शहर के राजकमल चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया. ठाकुर ने मांग की कि भिड़े के खिलाफ भी देशद्रोह का आरोप भी लगाया जाए. कांग्रेस और कुछ आंबेडकरवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने यवतमाल शहर में विरोध प्रदर्शन किया और भिड़े के बैनर फाड़ दिए, जो वहां व्याख्यान देने और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने आने वाले थे. इस प्रदर्शनों के दौरान भिड़े के पुतले को जूतों से पीटा गया और उसे जलाया गया.
राजापेठ थाने में भिडे़ के खिलाफ शिकायतकांग्रेस के प्रदेश सचिव नंदकिशोर कुयाते ने यहां राजापेठ थाने में भिडे़ के खिलाफ शिकायत दी और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने महात्मा गांधी पर टिप्पणी करने को लेकर भिड़े के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की शुक्रवार को मांग की थी. कांग्रेस विधायक ने बिना नाम लिए दावा किया कि एक ‘मशीनरी’ प्रगतिशील विचारधारा को खत्म करने के लिए काम कर रही है.
