Mahakumbh Mela 2025: महाकुंभ में चाबी वाले बाबा, 32 साल से स्नान नहीं करने वाले महाराज आकर्षण का केंद्र

Mahakumbh Mela 2025 : प्रयागराज में 12 साल बाद महाकुंभ मनाया जा रहा है. जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. मेला का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक किया जाएगा. प्रयागराज में साधु-संतों की भिड़ बढ़ने लगी है. जिसमें चाबी वाले बाबा और 32 साल से स्नान नहीं करने वाले बाबा विशेष आकर्षण का केंद्र हैं.

Mahakumbh Mela 2025 : हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरा नाम के बाबा इस बार महाकुंभ में शामिल हुए हैं. जिन्हें चाबी वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है. वो अपने साथ 20 किलो की चाबी लेकर चलते हैं. उन्होंने उस चाबी को ‘राम नाम की चाबी’ बताया है. हरिश्चंद्र विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले हैं और महाकुंभ मेले में शामिल होने प्रयागराज आए हैं. न्यूज एजेंसी ANI के साथ बातचीत में बताया, उन्होंने 16 साल की उम्र में ही घर का त्याग कर दिया था. उन्होंने कहा, मैंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत से लड़ने का फैसला किया और घर छोड़ दिया. “मैंने बहुत सारी पदयात्राएं की हैं और अपने जीवन में बहुत सारी कठिनाइयां झेली हैं, लेकिन मैं आगे बढ़ता रहा. भगवान राम के आशीर्वाद से मैं यहां प्रयागराज में हूं. यह ‘राम नाम की चाबी’ है. राम मुक्तिदाता हैं. मैं चाबी लेकर यहां आया हूं.”

चाबी से लोगों को तोड़ते हैं अहंकार: चाबी वाले बाबा

कबीरा बाबा चाभी वाले बाबा ने कहा- उनके पास एक चाबी है, इस चाबी के जरिए वे लोगों का अहंकार तोड़ते हैं और उन्हें आध्यात्म का रास्ता दिखाते हैं. उन्होंने कहा, “जब मैं अयोध्या में था, तो मैंने लता मंगेशकर चौक पर चाभी बनाई थी. चाबी ही हर समस्या का समाधान है.”

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32 साल से स्नान नहीं किए हैं गंगापुरी महाराज

इस बार के महाकुंभ में एक और बाबा की चर्चा सबसे अधिक हो रही है, जो पिछले 32 साल से स्नान नहीं किए हैं. उनका नाम गंगापुरी महाराज है. उन्हें छोटू बाबा के नाम से भी जाना जाता है. वो असम के कामाख्या पीठ से प्रयागराज पहुंचे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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