Mahakumbh 2025: महाकुंभ में रिकॉर्ड तोड़ भीड़, अब तक 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में 13 जनवरी से जारी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है. पवित्र संगम में डुबकी लगाने के मामले में श्रद्धालुओं ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं.

Mahakumbh 2025: 13 जनवरी से प्रयागराज में जारी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ पहुंच रही है. 10 दिन में अबतक 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर दी है. योगी ने लिखा, इस सदी का पहला महाकुंभ 13 जनवरी से प्रयागराज की पावन धरती पर शुरू हो गया है. पिछले 10 दिनों में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया है.

शुक्रवार को 58 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ में शुक्रवार 24 जनवरी को 58 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई. इसकी जानकारी योगी आदित्यनाथ ऑफिस ने दी. एक्स पर लिखा, “ठंड के बावजूद प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की एक बड़ी भीड़ त्रिवेणी संगम पर उमड़ी. इसके अलावा, 29 जनवरी को आने वाली मौनी अमावस्या के लिए भी प्रशासन तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की आशंका है.”

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विदेश से भी पवित्र स्नान करने पहुंचते हैं श्रद्धालु

महाकुंभ में केवल देश भर से श्रद्धालु नहीं पहुंचते हैं, बल्कि विदेश से भी लोग पवित्र संगम में डुबकी लगाने आते हैं. इस बार भी बड़ी संख्या में विदेशी प्रयागराज पहुंचे हैं. दुनिया भर से आने वाले पर्यटक जब कुंभ में एक साथ विभिन्न भाषाओं, जीवन शैली और परंपराओं को साथ एक जगह पर देखते हैं, तो आश्चर्यचकित रह जाते हैं.

हर 12 साल में आयोजित होता है महाकुंभ

महाकुंभ हर 12 साल बाद आयोजित किया जाता है. 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया है. इस बार का कुंभ और भी खास इसलिए है क्योंकि 144 साल के बाद महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. इस बार सरकार ने जो अनुमान लगाया है कि 26 फरवरी तक करीब 45 करोड़ श्रद्धालु पवित्र संगम के जल से स्नान करने वाले हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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