Madras High Court : दरगाह के पास दीप जलाने की अनुमति को हाईकोर्ट की हरी झंडी
Madras High Court : तमिलनाडु सरकार को झटका देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ियों पर स्थित एक दरगाह के पास पत्थर के स्तंभ पर कार्तिगै दीपम जलाने की अनुमति देने के आदेश को बरकरार रखा.
Madras High Court : डीएमके नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार को झटका देते हुए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने मंगलवार को एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मदुरै स्थित तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी के शीर्ष पर बने पत्थर के स्तंभ पर दीप जलाने का निर्देश दिया गया था. मामले का केंद्र यह था कि क्या हजरत सुल्तान सिकंदर बदूशा अवुलिया दरगाह के पास स्थित प्राचीन पत्थर के दीप स्तंभ पर कार्तिगै दीपम जलाया जा सकता है.
Thirupparankundram lamp lighting row: Madras HC's Madurai Bench upholds single judge's ruling allowing lighting of lamp on 'Deepathoon'. pic.twitter.com/Y3bgFWAjpr
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2026
राज्य सरकार और अन्य अपीलकर्ताओं ने परंपरा, कानून-व्यवस्था की आशंकाओं और स्थल पर दावों के टकराव का हवाला देते हुए इसका विरोध किया था. हालांकि अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया.
भक्तों की जीत : रमा रविकुमार
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी के ‘‘दीपथून’’ पर दीपक जलाने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को मंगलवार को बरकरार रखा. न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपथून) स्थित है, वह भगवान सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है. याचिकाकर्ता रमा रविकुमार ने फैसले का स्वागत किया और इसे भगवान मुरुगन के भक्तों की जीत बताया.
