Ludhiana Court Blast: खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह रोडे ने बनायी थी लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट की योजना

एनआईए के अधिकारी ने कहा, इस योजना को अंजाम देने के लिए, उसने पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ मिलकर आईईडी की तस्करी करने और अधिक से अधिक लोगों को हताहत करने तथा आम जनता के बीच आतंक फैलाने के उद्देश्य से विस्फोट करने के लिए भारत स्थित गुर्गों की भर्ती की.

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने लुधियाना की एक अदालत में बम विस्फोट से जुड़े मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है. चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है कि खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह ने ब्लास्ट की योजना बनायी थी.

पंजाब के स्थानों पर विस्फोट की थी योजना : एनआईए जार्चशीट

एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान स्थित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के आतंकवादियों के आका लखबीर सिंह रोडे ने पंजाब में विभिन्न स्थानों पर आईईडी विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बनाई थी.

लखबीर सिंह रोडे ने पाकिस्तान की मदद से ऐसे पंजाब को तबाह करने की बनायी थी योजना

एनआईए के अधिकारी ने कहा, इस योजना को अंजाम देने के लिए, उसने पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ मिलकर आईईडी की तस्करी करने और अधिक से अधिक लोगों को हताहत करने तथा आम जनता के बीच आतंक फैलाने के उद्देश्य से विस्फोट करने के लिए भारत स्थित गुर्गों की भर्ती की. लखबीर सिंह रोडे ने पाकिस्तान स्थित हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले जुल्फिकार उर्फ पहलवान, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी मलेशिया, सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू, दिलबाग सिंह उर्फ बग्गो और राजनप्रीत सिंह की मदद से एक आतंकी गिरोह बनाया. रोडे ने पाकिस्तान स्थित तस्कर जुल्फिकार और उसके साथियों के तस्करी माध्यमों का इस्तेमाल गगनदीप सिंह उर्फ गागी को आईईडी पहुंचाने के लिए किया. गागी ने ही अदालत में विस्फोटक लगाया था. एनआईए ने विभिन्न धाराओं के तहत गागी (मृत), सम्मू, बग्गो, राजनप्रीत सिंह और जुल्फिकार के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया.

Also Read: कनाडा में खालिस्तान की आवाज़, कितनी दमदार?

लुधियाना कोर्ट विस्फोट में गयी थी छह नागरिकों की जान

दिसंबर 2021 में लुधियाना की एक अदालत में हुए विस्फोट में एक संदिग्ध आतंकवादी के अलावा छह नागरिकों की मौत हो गयी थी. यह मामला शुरू में 23 दिसंबर को पंजाब में लुधियाना कमिश्नरी के तहत पुलिस थाने डिवीजन-5 में दर्ज किया गया था. इसके बाद 13 जनवरी, 2022 को एनआईए द्वारा इस मामले को फिर से दर्ज किया गया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >