मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ रही हैं और फ्यूल की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है. ऐसे में भारत की एक एनर्जी कंपनी ने केंद्र सरकार से एलपीजी के बेहतर और कम खर्च वाले इस्तेमाल के लिए देश की पहली LPG दक्षता नीति लागू (Competency Policy Implemented) करने की मांग की है. पुणे गैस ने पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजकर भारत की पहली LPG दक्षता नीति लागू करने की मांग की है. कंपनी का कहना है कि ईरान में जारी जंग के कारण ग्लोबल एलपीजी बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. इससे कमर्शियल एलपीजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इसपर निर्भर कारोबारियों की लागत भी तेजी से बढ़ती जा रही है.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ी चिंता
कंपनी के मुताबिक, सप्लाई में दिक्कतों के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत इस साल की शुरुआत में करीब 1,884 रुपये से बढ़कर अब करीब 3,100 रुपये हो गई है. इसका सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल, अस्पताल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, लॉन्ड्री, एमएसएमई और एलपीजी पर निर्भर मैन्युफैक्चरिंग कारोबारों पर पड़ रहा है. कंपनी का कहना है कि सरकार की कोशिशों से भारत में अब तक एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है. लेकिन देश की एनर्जी सिक्योरिटी को और मजबूत करने के लिए अब अगला कदम एलपीजी का ज्यादा समझदारी और कम बर्बादी के साथ इस्तेमाल सुनिश्चित करना होना चाहिए.
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गैस की चोरी पर कैसे लगेगी रोक?
कंपनी ने पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर एक पॉलिसी लागू करने का सुझाव दिया है. इसमें एलपीजी की बर्बादी कम करने के साथ होटल, उद्योग व दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अधिक एफिसेंट और मॉर्डन एलपीजी सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही गई है. कंपनी ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, वहां ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) 47.5 किलोग्राम के बड़े एलपीजी सिलेंडर को बढ़ावा दें. कंपनी का दावा है कि इससे गैस की बर्बादी कम होगी, सुरक्षा बेहतर होगी, चोरी पर रोक लगेगी.
