प्रेम के नाम पर चल रहा है वासना का व्यापार, लव जिहाद पर RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कही ये बात

आरएसएस नेता ने कहा कि मंच की 2,500 इकाइयां योग दिवस मनाएंगी क्योंकि योग शरीर, मन और आत्मा को ठीक करने का एक तरीका है और इसका धर्म या जाति से कोई लेना-देना नहीं है. जानें लव जिहाद पर RSS नेता इंद्रेश कुमार ने क्या कहा

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भोपाल में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के ‘अभ्यास वर्ग’ या विचार-मंथन सत्र के समापन के दिन मीडिया से बात की और लव जिहाद पर अपनी राय रखी. लव जिहाद पर RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि क्या धोखे में रखकर पार्टनर से प्रेम करना ये प्रेम है या धोखा? आज प्रेम के नाम पर वासना का व्यापार चल रहा है. प्रेम को धूमिल किया जा रहा है. भारत प्रेम की भूमि थी, है और रहेगी. प्यार के नाम पर हत्या और धर्मांतरण हो रहा है और लोगों ने इसे लव जिहाद बताया है. हम प्यार के नाम पर धोखाधड़ी और हिंसा की निंदा करते हैं.

इधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने संकल्प लिया है कि उसके सदस्य ईद उल जुहा पर गायों का दान और सेवा करेंगे. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भोपाल में कहा कि मंच के सदस्यों ने योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लेने का भी संकल्प लिया है. कुमार ने कहा कि सभी हिंदुस्तानियों की जड़ें और डीएनए एक हैं. उन्होंने कहा कि देश के लोग हिंदुस्तानी में सपने देखते हैं, विदेशी भाषाओं में नहीं.

ईद उल जुहा को लेकर भ्रम की स्थिति

ईद उल जुहा को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है, जिसे कुछ लोग बकरा ईद कहते हैं. ‘बकर’ का मतलब कुछ लोग बकरा समझते हैं लेकिन अरबी दुनिया में बकर , गाय को कहते हैं. मंच ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है कि इसके सदस्य गायों की सेवा और दान करेंगे तथा उनकी कुर्बानी नहीं देंगे. मंच गायों की कुर्बानी नहीं देने की अपील करेगा.


योग का धर्म या जाति से कोई लेना-देना नहीं

आरएसएस नेता ने कहा कि मंच की 2,500 इकाइयां योग दिवस मनाएंगी क्योंकि योग शरीर, मन और आत्मा को ठीक करने का एक तरीका है और इसका धर्म या जाति से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि मंच के सदस्यों ने रक्षाबंधन मनाने का भी संकल्प लिया है, जो तहजीब का त्योहार है. उन्होंने दावा किया कि रक्षा बंधन नारी के सम्मान और सुरक्षा का त्योहार है और बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं इसे मनाती हैं. दुनिया को दंगा मुक्त बनाने के लिए, धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव को दूर करने के लिए मंच रक्षा बंधन पर 100 स्थानों पर बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम करेगा.

इस साल देशभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा

आरएसएस नेता कुमार ने कहा कि इस साल देशभर में 20 अगस्त से 30 सितंबर के बीच एक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसके दौरान देश को संघर्ष, भेदभाव और प्रदूषण से मुक्त करने और भाईचारा फैलाने के संकल्प के साथ मंच के सदस्य 15 लाख परिवारों तक पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि मंच के 100 से अधिक नए कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर जिम्मेदारी दी गयी है.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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