भारत में जनसंख्या विस्फोट का खतरा, जनसंख्या नियंत्रण पर कठोर कानून बनाये सरकार, लोकसभा में रांची के सांसद संजय सेठ

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रांची : भारत में जनसंख्या विस्फोट का खतरा बढ़ता जा रहा है. सरकार को अविलंब संज्ञान लेने की जरूरत है. इससे पहले कि स्थिति विस्फोटक हो और देश की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हो, केंद्र सरकार को इस मामले में कठोर कानून बनाने की जरूरत है. उक्त बातें रांची के सांसद संजय सेठ ने गुरुवार (19 मार्च, 2020) को लोकसभा में कहीं.

श्री सेठ ने कहा कि देश में बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि हो रही है. यह आने वाले दिनों के लिए खतरनाक संकेत है. वर्तमान समय में भारत की जनसंख्या 130 करोड़ से अधिक है. आजादी के समय यह संख्या 10 करोड़ के आसपास थी. इसी तरह जनसंख्या बढ़ती रही, तो वर्ष 2027 तक हम चीन को भी पीछे छोड़ देंगे. वर्ष 2050 तक हमारी जनसंख्या 160 करोड़ से अधिक हो जायेगी.

श्री सेठ ने कहा कि हमारे पास संसाधन सीमित हैं. जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है, हमारे संसाधन उस अनुपात में नहीं बढ़ रहे हैं. ऐसे में हमारे समक्ष कई चुनौतियां मुंह बाये खड़ी होंगी. हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी कई तरह की समस्याओं से जूझना होगा. जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए अविलंब कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

सांसद ने कहा कि अभी हमने कदम नहीं उठाया, तो इसके दुष्परिणाम बहुत जल्द सामने आयेंगे. इससे हमें काफी नुकसान होने वाला है. चाहे विकास योजनाओं की बात हो, प्राकृतिक संसाधनों की बात हो, नागरिकों को आवास, शौचालय, रोजगार आदि उपलब्ध कराने की बात हो, हर तरफ समस्या बढ़ने वाली है.

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनसंख्या नियंत्रण बहुत जरूरी है. यह तभी संभव है, जब इसके लिए कानून बनाया जाये. एक ठोस कानून बनाकर एक दंपती को 2 बच्चे ही पैदा करने की ही इजाजत दी जानी चाहिए. यदि कोई दंपती इसकी अवहेलना करता है, तीसरा बच्चा पैदा करता है, तो उसे सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का कानून बनाया जाना चाहिए.

श्री सेठ ने कहा कि ऐसे लोगों के मतदान का अधिकार खत्म करने और तमाम सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का कानून में प्रावधान किया जाना चाहिए. इसके बाद ही हम जनसंख्या को नियंत्रित कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि इतने बड़े देश में सब कुछ व्यवस्थित ढंग से चले, इसके लिए अविलंब बिल लाकर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की जरूरत है.

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By Mithilesh Jha

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