जानें क्या है वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, मोदी सरकार ने योजना को दी मंजूरी

Vibrant Villages Programme: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को अपनी मंजूरी दे दी है.

Vibrant Villages Programme: केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) को अपनी मंजूरी दी है. इस योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों में उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉकों के चुनिंदा गांवों का विकास किया जाना है. केंद्र सरकार ने योजना की 15 फरवरी, 2023 को की थी.

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत शुरुआत में 662 सीमावर्ती गांवों का किया जाना है विकास

केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में कार्यक्रम के तहत प्राथमिकता के आधार पर व्यापक विकास के लिए शुरुआत में 662 सीमावर्ती गांवों की पहचान की गई है.

किस राज्य के कितने गांवों का किया जाएगा विकास

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार गांवों की संख्या इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश-455, हिमाचल उत्तराखंड-51. प्रदेश-75, लद्दाख (यूटी)- 35, सिक्किम-46. कार्यक्रम में व्यापक विकास के लिए पहचाने गए गांवों में केंद्र और राज्य सरकारों की मौजूदा योजनाओं के अभिसरण की परिकल्पना की गई है. अब तक कार्यक्रम के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 62.68 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले 156 कार्य/परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.

वामपंथी उग्रवाद की घटना में आई कमी

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया, वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खतरे से समग्र रूप से निपटने के लिए, भारत सरकार (Gol) ने 2015 में ‘LWE से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ को मंजूरी दी थी. वामपंथी उग्रवादियों (LWE) द्वारा हिंसा की घटनाएं, जो 2010 में अपने उच्चतम स्तर 1936 पर पहुंच गई थीं, 2024 में घटकर 374 हो गई हैं. यानी 81 प्रतिशत की कमी आई है. इस अवधि के दौरान कुल मौतों (नागरिक + सुरक्षा बल) की संख्या भी 85 प्रतिशत कम हुई है, जो 2010 में 1005 मौतों से घटकर 2024 में 150 हो गई है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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