आज से बदल गये हैं ये नियम, जानना आपके लिए है जरूरी

आज से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है. इसी के साथ कुछ नये बदलाव भी इस दिन से लागू हो जायेंगे. ओबीसी और यूबीआइ अब पीएनबी कहे जायेंगे.

आज से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है. इसी के साथ कुछ नये बदलाव भी इस दिन से लागू हो जायेंगे. ओबीसी और यूबीआइ अब पीएनबी कहे जायेंगे. सिंडिकेट बैंक अब केनरा बैंक कहा जायेगा. इलाहाबाद बैंक अब इंडियन बैंक के नाम से जाना जायेगा. आइए आपको बताते हैं कुछ खास जो आपके लिए जानना है जरूरी…

-बीएस-6 मानक

अब केवल बीएस-6 वाहन ही बिकेंगे. हालांकि, लॉकडाउन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-4 वाहनों का 10 फीसदी स्टॉक बेचने की अनुमति दी है.

-नयी प्रणाली

आयकर की नयी स्लैब प्रणाली लागू होगी. जो बचत नहीं करना चाहते उनके लिए यह बेहतर है. पुराना स्लैब भी रहेगा. विदेश टूर पर स्रोत पर कर संग्रह लागू होगा.

-दो नये फॉर्म

नया जीएसटी रिटर्न सिस्टम लागू होगा. इस नये बदलाव से जीएसटी रिटर्न भरने में अब आसानी होगी. नये सिस्टम में दो नये फॉर्म पेश किये गये हैं.

-दवा कानून

सभी चिकित्सकीय उपकरण अब दवा (ड्रग्स) की श्रेणी में होंगे. ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा तीन में इसके लिए संसद ने बदलाव किया है.

-ज्यादा पेंशन

इपीएस के बदले हुए नियमों के तहत, अब ज्यादा पेंशन मिलेगी. 26 सितंबर 2008 से पहले रिटायर हो चुके लोगों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा.

-सस्ता कर्ज

रिजर्व बैंक द्वारा कर्ज पर ब्याज दरों में कटौती की हालिया घोषणा लागू हो जायेगी. इसके तहत बेंचमार्क और रेपो रेट से जुड़े सभी तरह के कर्ज सस्ते हो जायेंगे.

-कोरोना संकट से ये मामले टले

-स्टांप शुल्क कानून में संशोधन अब 1 जुलाई से लागू होगा. कर चोरी रोकने और स्टांप शुल्क प्रणाली बेहतर बनाने के लिए यह बदलाव है.

-एक अप्रैल से एनपीआर का काम शुरू होना था, पर हालात को देखते हुए अब बाद में तारीख घोषित होगी.

-आधार से पैन लिंक करने की अंतिम तारीख तीन महीने बढ़ा दी गयी है. अब 30 जून तक का इसके लिए समय है.

-बैंकों ने तीन माह इएमआइ टालने का दिया फायदा

सरकार द्वारा किये गये देशव्यापी लॉकडाउन से दिक्कतों का सामना कर रहे कर्जदारों को कुछ सरकारी बैंकों ने बड़ी राहत दी है. बैंकों ने कर्जदारों के कर्ज की इएमआइ को तीन महीने के लिए टाल दी है, जिससे उन्हें अगले तीन महीने तक कर्ज की किस्त नहीं देनी होगी. बैंकों ने यह कदम आरबीआइ के उस निर्देश के बाद उठाया है, जिसमें सभी बैंकों को लोन पेमेंट पर तीन महीने का मोराटोरियम लगाने की मंजूरी देने को कहा था. पिछले शुक्रवार को आरबीआइ ने रिटेल तथा क्रॉप लोन सहित सभी टर्म लोन्स और वर्किंग कैपिटल पेमेंट पर तीन महीने का मोराटोरियम लागू करने की घोषणा की थी. इन बैंकों ने कर्ज की किस्तों के भुगतान को आगे बढ़ाने की घोषणा की है. कई बैंकों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपनी शाखाओं को आरबीआइ द्वारा घोषित विभिन्न योजनाओं के बारे में सूचित किया है और विस्तृत दिशानिर्देश उपलब्ध कराया है.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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