Kisan March: आज दिल्ली मार्च करेंगे किसान, संसद घेराव की तैयारी, जानें क्या है मांग

Kisan March: किसान एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. 2 दिसंबर को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे.

Kisan March: किसान संगठन एक बार फिर से दिल्ली कूच करने वाले हैं. सोमवार को 10 किसान संगठनों ने दिल्ली में संसद घेराव करने का फैसला किया है. किसान यमुना प्राधिकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली कूच किसानों के आंदोलन का तीसरा और आखिरी चरण है. इससे पहले ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण पर आंदोलन किया गया था.

महा माया फ्लाईओवर के नीचे से मार्च शुरू करेंगे किसान

किसान नेता सुखबीर खलीफा ने बताया, हम दिल्ली की ओर अपने मार्च के लिए तैयार हैं. 2 दिसंबर को, हम महा माया फ्लाईओवर के नीचे से दिल्ली की ओर अपना मार्च शुरू करेंगे. दोपहर 12 बजे हम सभी वहां पहुंचेंगे और नए कानूनों के अनुसार अपने मुआवजे और लाभ की मांग करेंगे.

हरियाणा के कृषि मंत्री श्यान सिंह राणा ने कहा, किसानों के पास कोई मुद्दा नहीं

किसानों के आज दिल्ली कूच पर हरियाणा के कृषि मंत्री श्यान सिंह राणा ने कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. पिछले किसान आंदोलन में एक मुद्दा था- तीन कृषि कानून. उन तीन कानूनों को बाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने निरस्त कर दिया और उन्होंने उनसे माफी भी मांगी. किसान आंदोलन से पंजाब को नुकसान हुआ है. पंजाब से चावल मिल उद्योग बिहार और एमपी चले गए. हम किसी को भी हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ नहीं करने देंगे. उन्हें अपने मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और अपनी समस्याओं का समाधान करना चाहिए”.

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क्या है किसानों की मांग

किसान पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्लॉट और बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्वास की मांग.
आबादी क्षेत्र का उचित निस्तारण किए जाने की मांग

10 किसान संगठनों ने आंदोलन की दी है चेतावनी

10 किसान संगठनों ने दिल्ली कूच की तैयारी की है. किसानों ने साफ कर दिया है कि इसबार आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. या तो प्राधिकरण को हमारी मांग माननी होगी या फिर किसान लंबा आंदोलन के लिए मजबूर हो ताएंगे.

हजारों किसान कर रहे मुआवजे की मांग

यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण से करीब 30 हजार किसान प्रभावित हुए हैं. किसानों को 10 साल से मुआवजे का इंतजार है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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