Farmers Protest: सरकार ने कहा- कृषि कानून नहीं होंगे वापस, किसानों का दो टूक- मरेंगे या जीतेंगे

Farmers Protest: मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है. वही शुक्रवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई आठवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही.

Farmers Protest: मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है. वही शुक्रवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई आठवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही. राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में शुक्रवार को हुई आठवें दौर की वार्ता के दौरान केंद्र सरकार ने कृषि यूनियनों से दो टूक कहा कि वो कृषि के तीन कानूनों को रद्द नहीं करेंगे. वहीं अगले दौर की वार्ता अब 15 जनवरी को होने वाली है.

वहीं सरकार के कृषि के तीन कानूनों को रद्द नहीं करने के जवाब पर किसानों ने कहा कि उनकी लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी और ‘‘घर वापसी” तभी होगी जब इन कानूनों को वापस लिया जाएगा. वार्ता में मौजूद एक कृषि नेता कविता कुरुगांती ने कहा कि सरकार ने कहा है कि वह कानूनों को रद्द नहीं कर सकते और नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान अपने रुख को स्पष्ट करते हुए किसानों ने नारे लगाए, “हम या तो मरेंगे या जीतेंगे.

Also Read: Pravasi Bharatiya Divas 2021: आखिर 9 जनवरी को क्यों मनाते हैं प्रवासी भारतीय दिवस, जानें इस बारे में सबकुछ

बता दें कि कल विज्ञान भवन में हुई बैठक सिर्फ दो घंटे चली और इसमें भी चर्चा सिर्फ एक घंटे ही हो सकी. वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बैठक के बाद कहा कि किसान संगठनों द्वारा तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं. उन्होंने कहा कि कानून वापसी की मांग के अलावा उन्होंने और कुछ नहीं सुझाया है, इसलिए इस बैठक में भी कोई फैसला नहीं हो पाया. बता दें कि शुक्रवार को कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, रेलवे, वाणिज्य एवं खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री एवं पंजाब से सांसद सोम प्रकाश करीब 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विज्ञान भवन में वार्ता कर रहे थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >