भारत ने खामेनेई की मौत पर जताया शोक, विक्रम मिस्री ने कंडोलेंस बुक पर किया साइन

Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने शोक व्यक्त किया है. इजराइल और अमेरिकी हमले में खामेनेई और उनके पूरे परिवार की मौत हो गई. खामेनेई की मौत पर भारत में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.

Khamenei Death: भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया. उन्होंने ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त की.

खामेनेई की मौत पर उबल रहा कश्मीर

खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कश्मीर में आज भी मामला शांत नहीं हुआ है. कश्मीर में गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा.

उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति की अपील की

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के साथ बुधवार को बैठक की ताकि स्थिति को पुन: सामान्य किया जा सके. बैठक के बाद अब्दुल्ला ने लोगों से मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों में शोक और आक्रोश व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की.

शनिवार तक स्कूल-कॉलेज बंद, इंटरनेट की गति कम

सरकार ने शनिवार तक शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है और मोबाइल इंटरनेट की गति कम कर दी है. कश्मीर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही और उनके एकत्र होने पर प्रतिबंध जारी रहा. प्रदर्शनकारियों को एकत्र होने को रोकने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों को तैनात किया गया था.

लाल चौक का घंटा घर प्रतिबंधित क्षेत्र बना

लाल चौक का घंटा घर प्रतिबंधित क्षेत्र बना हुआ है. अवरोधक लगाकर इस इलाके को सील कर दिया था. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद से कश्मीर में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

ये भी पढ़ें: ट्रंप और इजराइलियों का खून बहाने पर आतुर हुआ अयातुल्ला, दिया ‘खूनी’ बयान

इजरायल ने ईरान पर दागीं 5000+ मिसाइलें, शिया मुल्क में 1000+ मौतें, और आंकड़ें दिल दहला देंगे

ईरान के विस्फोटक ड्रोन ने बढ़ा दी अमेरिका की टेंशन, जानें कैसे

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >