पुणे मर्डर: बेटे के कातिलों को फांसी दो, केतन के माता-पिता ने सड़क पर उतरकर मांगा इंसाफ

पिंपरी-चिंचवड़ में केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. लोगों ने केतन को याद करते हुए उसे न्याय दिलाने की मांग की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की.

पुणे के पास लोनावला स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को कथित तौर पर मारे गए केतन अग्रवाल के परिवार ने सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के लिए फांसी की सजा की मांग की है. परिजनों का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. केतन को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाला जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए. लोगों के हाथों में मोमबत्तियां और “जस्टिस फॉर केतन अग्रवाल” लिखे पोस्टर थे.

पुलिस के मुताबिक, इस कथित हत्या के पीछे की सटीक वजह की जांच अभी जारी है. हालांकि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सिया गोयल केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और पिछले एक साल से अधिक समय से चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी. सिया और केतन की शादी इसी साल नवंबर में उदयपुर में धूमधाम से होने वाली थी.

सिया गोयल और चेतन चौधरी को फांसी दी जाए, केतन की मां की मांग

केतन अग्रवाल की मां राखी अग्रवाल ने कहा कि वह अपने बेटे की मौत के मामले में जल्द न्याय चाहती हैं. उन्होंने मांग की कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को कड़ी से कड़ी सजा मिले और उन्हें फांसी दी जाए. केतन की मां ने भावुक होकर कहा कि मैं अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती हूं. मैं सिया और चेतन दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग करती हूं. मैं भी एक मां हूं और सिया की भी मां है…लेकिन मेरे बेटे के साथ जो हुआ, उसके लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए.

घर में बहू लाने का सपना देख रहा था लेकिन.., केतन के पिता ने कहा

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे की बिना किसी वजह के हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा कि केतन ने किसी का कोई नुकसान नहीं किया था. उसने ऐसा कोई काम नहीं किया था, जिसके कारण उसे इतनी दर्दनाक मौत का सामना करना पड़े. केतन के पिता ने कहा कि मेरे 26 साल के बेटे की बिना किसी स्पष्ट वजह के हत्या कर दी गई. अब तक हमें यह भी नहीं पता चल पाया है कि उसे क्यों मारा गया. मेरे बेटे की कोई गलती नहीं थी. मैं उसकी शादी की तैयारी कर रहा था. घर में बहू लाने का सपना देख रहा था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने ही बेटे को खोना पड़ेगा.

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उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि मेरे बेटे को न्याय दिलाने में साथ दें और उसके हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग करें. मुझे उम्मीद है कि जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक आप सभी मेरे साथ खड़े रहेंगे.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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