केरल: मरीज ने सर्जरी वाले ब्लेड से हमला कर महिला डॉक्टर की हत्या की, स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर बवाल

युवा डॉक्टर की हत्या से निराश केरल हाईकोर्ट ने कहा कि यह घटना पुलिस और सरकार की विफलता का परिणाम है. सरकार और पुलिस के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि यह डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर उनकी नाकामी को दर्शाता है.

केरल के कोल्लम जिले में कोट्टारक्कारा के एक तालुक अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए एक निलंबित स्कूल शिक्षक ने ब्लेड से हमला कर डॉक्टर की हत्या कर दी. मरीज ने महिला डॉक्टर पर उस समय हमला किया, जब वह घाव की मरहम-पट्टी कर रही थी. आरोपी व्यक्ति को परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट में घायल होने के बाद पुलिस अस्पताल ले कर आई थी. पुलिस कर्मी भी हमले में घायल हो गए.

महिला डॉक्टर की हत्या के बाद केरल हाईकोर्ट ने जतायी चिंता

युवा डॉक्टर की हत्या से निराश केरल हाईकोर्ट ने कहा कि यह घटना पुलिस और सरकार की विफलता का परिणाम है. सरकार और पुलिस के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि यह डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर उनकी नाकामी को दर्शाता है. कोर्ट ने कहा, ‘हम इसी से डरे हुए थे. हमने अतीत में कहा था कि ऐसा कुछ हो सकता है. अदालत ने कहा कि इस घटना ने डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और उनके माता-पिता के बीच एक भय का माहौल पैदा कर दिया है.

पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी दी

कोट्टारक्कारा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान संदीप के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में जब डॉक्टर वंदना दास, आरोपी के पैर के घाव की मरहम-पट्टी कर रही थीं तभी वह अचानक हिंसक हो गया और कैंची तथा सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले ब्लेड से वहां खड़े सभी लोगों पर हमला कर दिया. हमले में बुरी तरह घायल डॉक्टर को तिरुवनंतपुरम में एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी कुछ की घंटों में मौत हो गई.

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केरल के मुख्यमंत्री ने डॉक्टर की मौत पर जताया शोक, घटना की जांच का दिया आदेश

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने डॉक्टर की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि यह घटना चौंकाने वाली और बेहद दर्दनाक है. उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. विजयन ने एक बयान में कहा, ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला अस्वीकार्य है. घटना की गहन जांच की जाएगी. सरकार चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों के मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी.

डॉक्टर की हत्या के बाद मेडिकल छात्रों ने किया प्रदर्शन

महिला डॉक्टर की हत्या के बाद ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) और ‘केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन’ (केजीएमओए) ने इस घटना के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा, डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. इसके परिणामस्वरूप हजारों रोगियों को इलाज से वंचित करने के लिए आप क्या बहाना देंगे? क्या आप हड़ताल के कारण आज किसी मरीज को हुई किसी भी समस्या के लिए चिकित्सकों को दोष दे सकते हैं?

राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस से 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट

घटना को लेकर मीडिया में आईं खबरों के आधार पर केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और कोल्लम के जिला पुलिस प्रमुख से सात दिनों के भीतर एक रिपोर्ट मांगी है.

स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर बवाल

इस घटना के बाद राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज द्वारा मीडिया को दिए गए उस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया जिसमें उन्होंने कहा कि डॉक्टर एक हाउस सर्जन थी इसलिए अनुभवहीन थी और हमले के वक्त वह डर गई. मंत्री के बयान की आलोचना करते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सुधाकरन ने सवाल किया कि डॉक्टर के अनुभवहीन होने से मंत्री का क्या मतलब है. उन्होंने कहा, क्या उनका मतलब यह है कि डॉक्टर नशीली दवाओं और शराब के आदी व्यक्ति के हमले का मुकाबला करने या बचाव करने के लिए अनुभवहीन थी? उनके द्वारा दिया गया बयान हास्यास्पद है.

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Published by: Arbindkumar mishra

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