केरल एग्जिट पोल: UDF को स्पष्ट बहुमत का अनुमान, वेणुगोपाल बने प्रमुख चेहरा

KC Venugopal: केरल एग्जिट पोल में यूडीएफ को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है. केसी वेणुगोपाल चुनावी नैरेटिव के प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं. एलडीएफ पिनराई विजयन के नेतृत्व में पीछे नजर आ रहा है.

KC Venugopal: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर आए ताजा एग्जिट पोल राज्य की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं. कांग्रेस-के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) इस बार स्पष्ट बढ़त बनाता दिख रहा है, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) पिछड़ता नजर आ रहा है. इस पूरे चुनावी प्रकरण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल एक केंद्रीय चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने चुनावी नैरेटिव को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है.

यूडीएफ को 88 से 92 सीट- पोल मंत्रा का अनुमान

पोल मंत्रा की सर्वे के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ को 38.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 88 से 92 सीटें मिलने का अनुमान है. यह आंकड़ा बहुमत के 70 सीटों के आंकड़े से काफी ऊपर है और स्पष्ट जीत की ओर संकेत करता है. वहीं, एलडीएफ को 33.4 प्रतिशत वोट के साथ 42 से 46 सीटों पर सिमटने का अनुमान है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को लगभग 20.2 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है.

मजबूत होती दिख रही यूडीएफ की पकड़

यह बदलाव केवल वोट प्रतिशत का उतार-चढ़ाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ‘संरचित बदलाव’ के रूप में देखा जा रहा है. क्षेत्रीय स्तर पर भी यूडीएफ की पकड़ मजबूत होती दिख रही है. मालाबार में उसे बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि मध्य केरल में उसका अंतर और चौड़ा हुआ है. त्रावणकोर क्षेत्र में मुकाबला जरूर कड़ा बना हुआ है, लेकिन यह राज्य की पूरी तस्वीर को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं दिखता.

प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे हैं केसी वेणुगोपाल

नेतृत्व के प्रभाव की बात करें तो केसी वेणुगोपाल 21.4 प्रतिशत समर्थन के साथ सबसे प्रभावशाली नेता के रूप में सामने आए हैं. उनके बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को 18.6 प्रतिशत और विपक्ष के नेता वीडी. सतीशन को 16.2 प्रतिशत समर्थन मिला है. इसके अलावा शशि थरूर और शफी परांबिल भी प्रभावी सहायक चेहरों के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने यूडीएफ के अभियान को मजबूती दी है.

मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर तस्वीर बेहद दिलचस्प है. वीडी सतीशन 21.2 प्रतिशत समर्थन के साथ मामूली बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि पिनराई विजयन को 20.5 प्रतिशत समर्थन मिला है. केसी वेणुगोपाल 17.8 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर हैं. सर्वे में एक ‘पैक्ड मिडिल’ की भी बात कही गई है, जहां केके शैलजा, रमेश चेन्निथला और राजीव चंद्रशेखर जैसे नेताओं को 10.5 से 11.2 प्रतिशत के बीच समर्थन मिला है.

यूडीएफ को कई मजबूत नेताओं का फायदा

सर्वे के मुताबिक यूडीएफ को कई मजबूत नेताओं का फायदा मिल रहा है, जबकि एलडीएफ का आकर्षण काफी हद तक मुख्यमंत्री विजयन के इर्द-गिर्द केंद्रित है. साथ ही, सत्तारूढ़ मोर्चे के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी के संकेत भी स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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