36 मिनट में 9 घंटे का सफर, सोनप्रयाग से केदारनाथ की यात्रा होगी आसान

Uttarakhand Ropeway Project: केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर है. अब 21 किलोमीटर की यात्रा केवल 30 मिनट में पूरी की जा सकती है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को अपनी मंजूरी दे दी है.

Uttarakhand Ropeway Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक हुई, जिसमें उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को मंजूरी दी गई. इसके बारे में जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. उन्होंने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम – पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को मंजूरी दे दी है.”

सोनप्रयाग से केदारनाथ तक की यात्रा केवल 36 मिनट में पूरी जा सकेगी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभी जो यात्रा 8-9 घंटे में पूरी होती है, वह घटकर 36 मिनट रह जाएगी. इसमें 36 लोगों के बैठने की क्षमता होगी.”

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन

सोनप्रयाग से केदारनाथ की दूरी 21 किलोमीटर, यात्रा करने में लगते हैं 8-9 घंटे

सोनप्रयाग से केदारनाथ की दूरी करीब 21 किलोमीटर है. जिसे पूरा करने में श्रद्धालुओं को अभी 8 से 9 घंटे लग जाते हैं. जिसमें 5 किलोमीट की दूरी सड़क मार्ग के द्वारा यात्रा की जाती है. जबकि गौरीकुंड से 16 किमी ट्रैकिंग मार्ग पर चलना होता है. कई श्रद्धालु इस मार्ग पर यात्रा करने के लिए ट्टू का सहारा लेते हैं.

गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजना को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम – पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को भी मंजूरी दे दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >