कर्नाटक में हुआ शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनादर, बेलगावी में तनाव का माहौल, लगाई गई धारा-144

Karnataka News कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद को लेकर जारी तनाव के बीच बीती रात छत्रपति शिवाजी महाराज और सांगोली रायन्ना की प्रतिमाओं को तोड़े जाने के विरोध के बाद उत्पन्न हुए तनाव के चलते बेलागवी में बड़ी सभाओं पर बैन लगा दिया गया.

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 18, 2021 10:41 PM

Karnataka News कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद को लेकर जारी तनाव के बीच बीती रात छत्रपति शिवाजी महाराज और सांगोली रायन्ना की प्रतिमाओं को तोड़े जाने के विरोध के बाद उत्पन्न हुए तनाव के चलते बेलागवी में बड़ी सभाओं पर बैन लगा दिया गया. बढ़ते तनाव को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने 19 दिसंबर को सुबह 6 बजे से 20 दिसंबर को सुबह 6 बजे तक बेलगावी में धारा 144 लगा दी है. पुलिस आयुक्त डॉ के त्यागराजन ने इसकी जानकारी दी.

तनाव के मद्देनजर बेलगावी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. बता दें कि इस आधार पर बेलगावी का महाराष्ट्र में विलय करने की मांग की जाती रही है कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मराठी भाषी लोग रहते हैं. महाराष्ट्र समर्थक कार्यकर्ताओं ने बीती रात बेलगावी के संभाजी सर्किल में विरोध प्रदर्शन किया और शिवाजी की प्रतिमा पर स्याही फेंगने वालों की गिरफ्तारी की मांग की. विरोध हिंसक हो गया और पथराव में एक दर्जन से अधिक सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कर्नाटक सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई की मांग की. वहीं कर्नाटक के सीएम बसावराज बोम्मई ने कहा कानून व्यवस्था के लिए हम कड़े कदम उठा रहे हैं. महाराष्ट्र में कर्नाटक के पंजीकरण वाले वाहनों पर हमले और उन्हें बदसूरत करने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि वहां कानून व्यवस्था बनाये रखना पड़ोसी राज्य की सरकार का दायित्व है. उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक महाराष्ट्र के अपने समकक्षों से वहां कर्नाटक वासियों तथा राज्य की बसों एवं अन्य गाड़ियों को सुरक्षा प्रदान करने के बारे में बात करेंगे.

वहीं, शिवाजी की प्रतिमा के साथ कथित तोड़फोड़ वाला वीडियो सामने आने के बाद शिवसेना सासंद संजय राउत ने इसे बेंगलुरू की घटना होने का दावा किया था और मराठाओं से एकजुट होने की अपील की थी. संजय राउत के बयान के बारे में पूछे जाने पर सीएम बसावराज बोम्मई ने कहा कि शिवाजी महाराज, संगोली रयान्ना और कित्तूर चेन्नमा लड़ाके रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए लड़ाई लड़ी. यदि उनके नाम पर हम आपस में लड़ना एवं बांटना शुरू कर देते हैं तो उनके प्रति यह बड़ा अपकार होगा. किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को लोगों को हिंसा तथा कानून व्यवस्था को अपने हाथों में लेने के लिए उकसाना नहीं चाहिए.

Also Read: कर्नाटक में कोरोना विस्फोट, दो इंस्टिट्यूट में मिले 33 मामले, 5 ओमिक्रॉन पॉजिटिव

Next Article

Exit mobile version