karnataka maharashtra border dispute : असम-मेघालय के बीच सीमा विवाद के बाद अब दो राज्यों में और विवाद पैदा हो गया है. दरअसल महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद मामले में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री आमने सामने आ गये हैं और मामला बढ़ता नजर आ रहा है. इस बीच मुंबई के माहिम बस स्टॉप पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के पोस्टर पर काली स्याही फेंकने का मामला सामने आया है जिसके बाद विवाद के और बढ़ने की आशंका है.
बयानों के बाद मामला गरमाया
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के बीच ठन गयी है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले दिनों कहा है कि उनकी सरकार महाराष्ट्र की एक इंच जमीन भी किसी के नाम नहीं जाने देगी. यही नहीं फडणवीस भी कह चुके हैं कि महाराष्ट्र का कोई गांव कर्नाटक नहीं जाएगा. इधर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी दोनों प्रदेशों के बीच सीमा विवाद पर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई पर हमला कर चुके हैं.
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने क्या कहा
इधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का भी बयान मामले को लेकर आया है. उन्होंने महाराष्ट्र के नेताओं के बयान पर नाराजगी जतायी और कहा कि भारत राज्यों का संघ है. हर प्रदेश का अपना अधिकार है. कानून बहुत ही स्पष्ट है. आगे उन्होंने कहा कि ये संबंधित सरकारों का कर्तव्य है कि वे शांति, कानून और व्यवस्था बनाने में मदद करें और राज्यों में शांति और अमन-चैन बनाने पर ध्यान केंद्रीत करें.
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मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा मंगलवार को दावा किये जाने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक गरमा गयी. बोम्मई ने कहा था कि सांगली जिले के जाट तालुका में कुछ ग्राम पंचायतों ने अतीत में एक प्रस्ताव पारित कर कर्नाटक में विलय करने की मांग की थी, जब वे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे थे.
क्या कहा संजय राउत ने
शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दावा किया कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के ‘‘अपमान” मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद का मुद्दा उठा दिया है.
भाषा इनपुट के साथ
