इस्तीफे की खबरों के बीच नड्डा व राजनाथ से मुलाकात के बाद अमित शाह से मिले येदियुरप्पा, बताया क्या मिला निर्देश

BS Yediyurappa Met Amit Shah इस्तीफे की खबरों के बीच कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा दिल्ली पहुंचे और शुक्रवार को पीएम मोदी से मुलाकात की. इसके बाद शनिवार को येदियुरप्पा ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. साथ ही येदियुरप्पा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिले.

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 17, 2021 4:02 PM

BS Yediyurappa Met Amit Shah इस्तीफे की खबरों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा दिल्ली पहुंचे और शुक्रवार को पीएम मोदी से मुलाकात की. इसके बाद शनिवार को सीएम येदियुरप्पा ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. साथ ही येदियुरप्पा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने मुझे कर्नाटक में फिर से सत्ता में आने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए कहा. साथ ही कहा कि लोकसभा चुनाव में हमें (बीजेपी को) और अधिक सीटें जीतनी चाहिए.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम 100 प्रतिशत जीतेंगे, कर्नाटक में हमारे भविष्य उज्जवल है. येदियुरप्पा ने बताया कि अमित शाह ने कहा कि मैं कर्नाटक में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी लूं. मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मैं पीछे नहीं हटूंगा और अपनी जिम्मेदारियां पूरी करूंगा.

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बीएस येदियुरप्पा ने इस्तीफे की अटकलों को ट्विस्ट दे दिया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से कर्नाटक के विकास के मुद्दों पर बात हुई. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वे उनके हर निर्देश का पालन करेंगे. अगर पीएम मोदी कहेंगे तो, वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.

बताया जा रहा है कि अगर येदियुरप्पा की सभी शर्तें मानी गईं, तो वे इस्तीफा दे सकते हैं. येदियुरप्पा ने पार्टी हाईकमान से भी कहा है कि वे भाजपा की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं. मीडिया रिर्पार्ट में सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि 26 जुलाई को येदियुरप्पा सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं. इससे पहले ऐसे किसी कदम के कोई संकेत नहीं है. हालांकि, दो साल पूरे होने के के बाद अगस्त के पहले हफ्ते में इस्तीफा दे सकते हैं.