Karnataka Ministers Salary Hike कर्नाटक विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेसी विधायकों के हंगामें के बीच मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित दो विधेयकों को बिना चर्चा के ही मंजूरी दे दी. बता दें कि मंत्री केएस ईश्चरप्पा के बयान को लेकर कांग्रेस विधायकों ने आज सदन में लगातार पांचवें दिन हंगामा किया. इस कारण सत्र की अवधि कम करनी पड़ी, हालांकि वेतन संबंधी दो विधेयकों को बिना चर्चा के पारित कर दिया गया.
वेतन वृद्धि से प्रति वर्ष लगभग 92.4 करोड़ रुपये का होगा अतिरिक्त व्यय
हंगामे के बीच विधानसभा ने दो विधेयकों कर्नाटक मंत्री वेतन और भत्ता (संशोधन) विधेयक 2022 और कर्नाटक विधानमंडल वेतन, पेंशन और भत्ते (संशोधन विधेयक) 2022 को बिना चर्चा के मंजूरी दे दी. इसके साथ ही सदन ने राज्यपाल के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव को भी बिना चर्चा के स्वीकार कर लिया. सरकार ने इन विधेयकों को पेश करते हुए कहा था कि ये काफी समय से लंबित हैं. वेतन वृद्धि से प्रति वर्ष लगभग 92.4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा.
मंत्रियों का वेतन 40 से बढ़कर 60 हजार हो जाएगा
मंत्रियों के वेतन-भत्तों में वृद्धि का प्रस्ताव देने वाले विधेयक मुख्यमंत्री का वेतन 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति माह करता है. वहीं, मंत्रियों का वेतन 40 से बढ़कर 60 हजार हो जाएगा. वहीं, दोनों के लिए भत्तों की राशि तीन लाख रुपये से बढ़कर साढ़े चार लाख रुपये सालाना हो जाएगी. इसमें मंत्रियों के किराया भत्ता को भी 80 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है. जबकि, आवास और उद्यानों के रख-रखाव के लिए भत्ता 20 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है. उनके पेट्रोल खर्च को भी एक हजार लीटर से बढ़ाकर दो हजार लीटर कर दिया गया है.
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