Karnataka: नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में श्री मुरुघा मठ के महंत शिवमूर्ति मुरुग शरनारू के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अतिरिक्त मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले अपने ऊपर लगे आरोपों पर शिवमूर्ति ने मीडिया और अपने श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए कहा कि वह कानून का पालन करने वाले हैं और जांच में सहयोग करेंगे.
चित्रदुर्ग में विभिन्न धार्मिक मठों के संतों ने की प्रेस वार्ता
इधर, न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चित्रदुर्ग में विभिन्न धार्मिक मठों के संतों ने प्रेस वार्ता की. एक संत ने कहा कि श्री मुरुघा मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति मुरुघ शरणारू सभी आरोपों से बरी होने के बाद मठ को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. विभिन्न धार्मिक मठों के संतों द्वारा प्रेस वार्ता में मौजूद एक संत ने कहा कि मठ से लोगों को हटाने का अधिकार केवल स्वामी जी यानि शिवमूर्ति मुरुघ शरणारू को है. ऐसा कोई और नहीं कर सकता. बच्चे भगवान की तरह हैं. सच्चाई को सामने लाने के लिए जांच करें.
क्या है मामला?
दरअसल, शिवमूर्ति मुरुगा समेत पांच व्यक्तियों पर उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है और उनके खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मैसूर पुलिस ने दो नाबालिगों की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की है. बताया जाता है कि इन लड़कियों ने यहां गैर-सरकारी सामाजिक संगठन ओडनाडी सेवा समस्थे से संपर्क किया था और शुक्रवार रात को परामर्श सत्र के दौरान उन्होंने उनको अपनी आपबीती सुनाई. उसके बाद उस संगठन ने पुलिस से संपर्क किया था. सूत्रों के मुताबिक, मैसुरु पुलिस ने प्राथमिक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली है और अब इस मामले को चित्रदुर्ग में क्षेत्राधिकार वाले थाने को स्थानांतरित किया जाएगा, क्योंकि यह कथित अपराध वहां हुआ है.
