Kapil Sibal : केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बीजेपी नेताओं द्वारा प्रधान को बधाई दिए जाने पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को देश की असली समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है. उनका पूरा ध्यान केवल चुनाव जीतने पर है.
2014 से अब तक शिक्षा पर जवाब दें, सिर्फ चुनावी राजनीति नहीं
सांसद कपिल सिब्बल ने सवाल उठाते हुए कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि 2014 से आज तक उन्होंने किया क्या है? देश के युवाओं, शिक्षा और रोजगार की चिंता करने के बजाय सिर्फ हिंदू-मुसलमान की राजनीति की गई. अगर शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो बार-बार परीक्षा विवाद और छात्रों का आक्रोश देखने को नहीं मिलता.
कपिल सिब्बल ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक NEET विवाद, विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामलों तक छात्रों का भरोसा लगातार कमजोर हुआ है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय सरकार राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता देती रही. विपक्ष का आरोप है कि लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है.
NEET पेपर लीक विवाद बना इस्तीफे की बड़ी वजह
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब देशभर में NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. विपक्ष लंबे समय से शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा था. छात्रों और अभिभावकों के दबाव के बीच सरकार पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे.
पुरानी घटनाओं से जोड़कर विपक्ष ने साधा निशाना
एमपी सिब्बल ने याद दिलाया कि 2024 के NEET विवाद से लेकर हाल के विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामलों तक छात्रों का भरोसा लगातार कमजोर हुआ है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय सरकार राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता देती रही. विपक्ष का आरोप है कि लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष सरकार की नीतिगत विफलता की स्वीकार कर रही है, जबकि भाजपा इसे संगठनात्मक निर्णय और नई जिम्मेदारी से जोड़कर पेश कर रही है.
