Kanjhawala Death Case: कंझावला मौत मामले में आरोपी आशुतोष को कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरमियानी रात को टक्कर मार दी थी, जिसमें वह कार के नीचे फंस गईं और वाहन के साथ सड़क पर करीब 12 किलोमीटर तक घसीटे जाने के कारण उसकी मौत हो गई.

दिल्ली कंझावला कांड में आरोपी आशुतोष भारद्वाज को रोहिणी कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. रोहिणी कोर्ट ने आरोपी आशुतोष की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इससे पहले खबर आयी थी कोर्ट इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सान्या दलाल ने आरोपी पर लगे आरोपों को देखते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी.

फोरेंसिक टीम की दुर्घटना में शामिल कार की जांच

राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर के फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने दुर्घटना में शामिल कार की जांच की जिसमें कंझावला में एक 20 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी.

कंझावला मामले में साक्ष्य जुटा रही फोरेंसिक टीम

बाहरी दिल्ली के कंझावला में 31 दिसंबर को हुई कार दुर्घटना में साक्ष्य और नमूने एकत्र कर गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञ मामले की जांच कर करेंगे.

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31 दिसंबर को स्कूटी सवार अंजलि को कार ने टक्कर मार दी थी और 12 किलोमीटर तक शव को घसीटा

गौरतलब है कि अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरमियानी रात को टक्कर मार दी थी, जिसमें वह कार के नीचे फंस गईं और वाहन के साथ सड़क पर करीब 12 किलोमीटर तक घसीटे जाने के कारण उसकी मौत हो गई.

कंझावला मौत मामले में अब तक 7 लोगों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने कंझावला मौत मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को पहले गिरफ्तार किया था. बाद में दो और लोगों- आशुतोष व अंकुश खन्ना – को कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

पीड़ित के परिजनों की हत्या का मामला दर्ज करने की मांग, प्रदर्शन किया

कड़ाके की ठंड के बीच कंझावला मामले की पीड़ित अंजलि सिंह के परिजनों ने सुलतानपुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की. सिंह के रिश्तेदारों ने इससे पहले भी थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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