Kanjhawala Death Case: नशे में थी युवती? दोस्त निधि का बड़ा खुलासा

नये साल के पहले दिन दिल्ली की सड़कों पर कार के साथ घिसटने के कारण मरी युवती की सहेली मित्र का कहना है, उस रात जो हुआ मैं उसे कभी नहीं भूल सकती. स्कूटी चलाने को लेकर हमारी लड़ाई भी हुई थी. वह जबरदस्ती करती रही, इसलिए मैंने उसे दुपहिया चलाने दिया.

दिल्ली कंझावला मौत मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. मृतक युवती की दोस्त निधि ने चौकाने वाला बयान दिया है. सहेली ने दावा किया, अंजली शराब के नशे में थी और उसने स्कूट चलाने नहीं देने पर चलते दुपहिया से कूदने की धमकी भी दी.

उस रात जो हुआ मैं उसे कभी नहीं भूल सकती : दोस्त निधि

नये साल के पहले दिन दिल्ली की सड़कों पर कार के साथ घिसटने के कारण मरी युवती की सहेली मित्र का कहना है, उस रात जो हुआ मैं उसे कभी नहीं भूल सकती. स्कूटी चलाने को लेकर हमारी लड़ाई भी हुई थी. वह जबरदस्ती करती रही, इसलिए मैंने उसे दुपहिया चलाने दिया. पहले हम एक ट्रक से टकराते-टकराते बचे, लेकिन कुछ ही मीटर की दूरी पर दूसरे वाहन ने हमें टक्कर मार दी.

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- कार के नीचे फंस गई युवती, वाहन की गति धीमी नहीं हुई और घिसटती रही

वीभत्स घटना को याद करते हुए प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि टक्कर के बाद उसकी मित्र कार के नीचे फंस गई और उसके साथ घिसटती रही, वहीं कार में बैठे लोगों ने ना तो वाहन की गति धीमी की और न हीं युवती को बचाने का कोई प्रयास किया.

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मृतक युवती की दोस्त ने घटना के बारे में बताया

सहेली ने उस रात जो घटना हुई थी, उसके बारे में पूरी जानकारी दी. उसने बताया, हम देर रात करीब 1:45 बजे होटल से निकले. वह स्कूटी चलाना चाहती थी, लेकिन मैंने कहा कि मैं चलाउंगी. जब हम वहां से निकल गए और रास्ते में थे तो उसने कहा कि अगर उसे स्कूटी नहीं चलाने दी तो वह चलते दुपहिया से कूद जाएगी. उसने कहा कि यह मेरी स्कूटी है और मैं चलाउंगी. मैंने उसे स्कूट चलाने दी. कुछ दूर ही चलने पर हम ट्रक को टक्कर मारते-मारते बचे. हालांकि मैं पीछे बैठी थी, लेकिन फिर भी ब्रेक लगाने में कामयाब रही. फिर हम वहां से चले और आगे बढ़े. लेकिन एक अन्य कार ने हमारी स्कूटी को टक्कर मार दी. उसकी दोस्त कार के नीचे फंस गई, जबकि मैं सड़क की दूसरी ओर जा गिरी. मुझे आंखों पर हल्की चोटें आयीं लेकिन वह कार के नीचे फंस गई. मृतका की सहेली ने दावा किया, कार रूकी नहीं। वह चलती रही और फिर उन्होंने कार बैक किया और फिर तेजी से आगे रवाना हो गई.

मृतका की सहेली ने हादसे के बारे में मां या पुलिस को क्यों नहीं बताया

मृतका की सहेली निधि ने दावा किया कि कार के भीतर बैठे आरोपियों को पता था कि एक युवती उनकी कार के नीचे फंसी हुई है, इसके बावजूद वे उसे घसीटते रहे और उसके बचाने के लिए एक पल को नहीं रूके. यह पूछने पर कि उसने घटना के बारे में अंजली की मां या पुलिस को क्यों नहीं बताया, उसने कहा कि वह डर गई थी और उसे डर था कि दुर्घटना के लिए उसे जिम्मेदार बताया जाएगा. उसने कहा, मैं डर गयी थी. सारा दोष मेरे सिर आएगा, इसलिए मैं चुप रही…उस रात जो हुआ मैं उसे कभी नहीं भुला सकती.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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