राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी?

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन की अनदेखी करने पर राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पूछा- इन लोगों का पाकिस्ताल प्रेम खत्म होगा?

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ी' कहने पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है; फिल्म इंडस्ट्री का रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है. आपने संसद पर हुआ हमला देखा होगा. मेरे कई सांसद दोस्त हैं जिनकी गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और जिनकी खिड़कियां तोड़ दी गई थीं. यह सब जानते हैं; यह कोई छिपी हुई बात नहीं है. लोग मेरे घर के गेट तक चढ़ आए थे; बाहर कम से कम ढाई हजार लोग थे, और इतनी बड़ी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी थी कि हम रात भर सो नहीं पाए थे. फिर भी, जब वह स्थिति थी, तो वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे. लेकिन अब, झारखंड में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के मामले में क्या वे 'जेन जी' (Gen Z) नहीं हैं? फिल्म इंडस्ट्री का यह दोहरापन नहीं चलेगा. जो लोग जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों पर मगरमच्छ के आंसू बहाते थे, उन्हें अब झारखंड के बच्चों के लिए भी वैसे ही आंसू बहाने चाहिए. वे बच्चे भी बहुत बुरी हालत में हैं. इसीलिए मैंने आवाज उठाई क्योंकि उन्होंने एक बहुत ही घटिया वीडियो बनाया था जिसमें वे इस तरह की धमकियां दे रहे थे. चाहे उनकी फिल्में हों, उनके बयान हों या उनके इंटरव्यू, पाकिस्तान के साथ यह प्रेम-संबंध कब खत्म होगा? वे हमेशा पाकिस्तान के जुनून में डूबे रहते हैं. मैं जानना चाहती हूं: बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर भी यह प्रेम-कहानी खत्म क्यों नहीं होती? बॉलीवुड की पाकिस्तान के साथ प्रेम-कहानी आखिरकार कब खत्म होगी? इसके लिए उन्हें जवाब देना होगा."

राहुल गांधी में न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा : कंगना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, "मुझे लगता है कि वे देश का मजाक उड़ा रहे हैं. वे लगातार देश का मजाक बनाते हैं; उनके लिए सब कुछ एक मजाक है. यह पहली बार है जब मैं संसद का इतना मजाक बनते हुए देख रही हूं. एक ही बात में वे कहते हैं, 'हम अमित शाह जी से जवाब चाहते हैं यह पूछना कि उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा-वैसा किया या नहीं और साथ ही यह भी कहते हैं, "हम उन्हें सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं." उनमें अब न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा का कोई ख्याल. पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही है कि यह किस तरह का इंसान है. जिस तरह से वे अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का और इस तरह पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान कर रहे हैं, उसे देखते हुए मुझे यकीन हो गया है कि विपक्ष के नेता के तौर पर यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा.


राहुल सोचते हैं, उनके अलावा देश में किसी और का अस्तित्व ही नहीं है : कंगना

कंगना ने राहुल पर हमला जारी रखते हुए कहा, "वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं—एक ऐसे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के, जिन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भारी जनादेश मिला है. उन्हें लगता है कि इस देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए. फिर उनके दूसरे काम भी हैं. सोरोस या अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और बर्बाद करने की कोशिश करना. आखिरकार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी कोई परवाह नहीं है. उनकी इटैलियन मां ही किसी तरह विपक्ष को उन्हें अपना नेता मानने के लिए मजबूर कर रही हैं; वरना, सौ चुनाव हारने के बाद उनकी कोई हैसियत ही नहीं होती."


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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