Kailash Vijayvargiya Video : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से शिकायत की. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में स्थानीय लोगों कहते नजर आ रहे हैं कि नाली की लाइन को पीने के पानी की सप्लाई से जोड़ा जा रहा है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा. पिछले डेढ़ से दो साल से लोगों को गंदे पानी और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आप भी देखें ये वीडियो…
वीडियो में एक महिला कहते नजर आ रही है कि पीने के पानी में नाली की लाइन है. इसकी लिकेज है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. हम बहुत परेशान हैं. हमारी शिकायत को कोई सुन नहीं रहा है. पार्षद जी बोलते हैं कि करवाता हूं लेकिन होता कुछ नहीं. हमारे घर में 10 से 11 लोग बीमार हो गए हैं.
दूषित पेयजल से 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त फैलने और मौतों की संख्या को लेकर भ्रम बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले आठ दिनों में छह महीने के बच्चे सहित 13 लोगों की मौत हुई है. वहीं प्रशासन ने डायरिया से अब तक केवल चार मौतों की ही पुष्टि की है.
भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला. भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है. विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी दी कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए जिनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है और स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है.
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विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा कि मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, पर यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है. हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे और इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी.
