दरगाह नोटिस मामला: जूनागढ़ हिंसा में एक की मौत, चार पुलिसकर्मी घायल, 174 लोग हिरासत में लिये गये

Junagadh Violence प्रशासन ने जूनागढ़ के उपरकोट एक्सटेंशन स्थित एक दरगाह को अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिया था. जिसके बाद इलाके लोग इसके विरोध में उतर गये. हजारों की संख्या में लोग प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन पर उतर गये.

गुजरात के जूनागढ़ में बीती रात से ही भारी बवाल जारी है. दरगाह को नोटिस दिये जाने को लेकर भारी विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया है. भीड़ ने पुलिस प्रशासन पर पथराव किया, जिसमें डीएसपी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इधर पथराव में एक नागरिक की मौत भी हो गयी है. पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 174 लोगों को हिरासत में ले लिया है.

हिंसा को दबाने के लिए पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोल, एसपी ने घटना के बारे में दी जानकारी

एसपी जूनागढ़ रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया, मजेवाड़ी गेट के पास एक मस्जिद को जूनागढ़ नगर निगम द्वारा 5 दिनों के भीतर दस्तावेज पेश करने का नोटिस दिया गया था. शुक्रवार को वहां करीब 500-600 लोग जमा हुए थे. पुलिस उन्हें सड़क जाम नहीं करने के लिए समझा रही थी. रात करीब 10.15 बजे पथराव किया गया और लोग पुलिस पर हमला करने के लिए आ गए. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया. इस घटना में पुलिस कर्मी घायल हो गये. 174 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया, प्रथम दृष्टया पथराव से एक नागरिक की मौत हुई है लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा. आगे की जांच चल रही है.

भीड़ ने कई गाड़ियों को किया आग के हवाले

दरगाह को नोटिस दिये जाने को लेकर विरोध कर रहे लोगों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को भी बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. फिलहाल मौके पर भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है. इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया है.

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क्या है मामला

दरअसल प्रशासन ने जूनागढ़ के उपरकोट एक्सटेंशन स्थित एक दरगाह को अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिया था. जिसके बाद इलाके लोग इसके विरोध में उतर गये. हजारों की संख्या में लोग प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन पर उतर गये. गुरुवार और शुक्रवार को पुलिस और भीड़ के बीच जंग जैसी स्थिति बन गयी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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