दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीव: मिलिए 194 साल के जोनाथन से, पीएम मोदी ने उसी ब्रीड के कछुए से की मुलाकात

Jonathan Tortoise PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान चर्चा में जोनाथन कछु्आ भी आ गया. 194 साल पुराने इस विशाल कछुए का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. वह धरती पर सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाला जीव है.

Jonathan Tortoise PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान एक खास कछुए की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी. 27 जून को उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में विशाल कछुआ बाड़े का दौरा किया. उन्होंने बताया कि शेल्स का मूल निवासी एल्डब्रा विशाल कछुआ, पृथ्वी पर सबसे बड़ी और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में से एक है, जिनमें से कुछ दो शताब्दियों से भी अधिक का इतिहास देख चुके हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पीएम ने जोनाथन नाम के उस कछुए से मुलाकात की, जो इस धरती पर सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर है. हालांकि, पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में ऐसी कोई बात नहीं की. वहीं जोनाथन सेशेल्स में रहता भी नहीं. तो क्या है असली कहानी आइए जानते हैं.  

करीब 194 साल से जीवित जोनाथन नाम का विशाल कछुआ आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. उसने अपने जीवन काल में दास प्रथा का अंत होते देखा, भारत के 1857 की क्रांति सुनी होगी, गांधी-नेहरू-अंबेडकर का जन्म भी सुना होगा.. कथित तौर पर नेपोलियन से मुलाकात की, प्रथम विश्व युद्ध देखा, दूसरा भी देखा, भारत की आजादी देखी कंप्यूटर की शुरुआत देखी, इंटरनेट भी देख रहा है… 2000 का जमाना आ गया, जेन-जी आ गए… जेन अल्फा आने लगे हैं, जोनाथन तब से शाश्वत इसी धरती पर विद्यमान है. जोनाथन वैज्ञानिकों के लिए उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को समझने का एक नायाब उदाहरण है.

1832 में हुआ था जन्म, करीब 194 साल की उम्र

जोनाथन का जन्म साल 1832 में माना जाता है. यानी साल 2026 में उसकी उम्र करीब 194 साल हो चुकी है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 17 जून को उसे दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर घोषित किया है. जोनाथन असल में सेशेल्स में नहीं, बल्कि करीब 7 हजार किलोमीटर दूर दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन के अधीन सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है. हालांकि उसका जन्म सेशेल्स में हुआ था. वह एक ‘सेशेल्स जायंट एल्डब्रा टॉर्टोइज’ प्रजाति का कछुआ है.

सेशेल्स से सेंट हेलेना तक का सफर

साल 1882 में जोनाथन को तीन अन्य बड़े कछुओं के साथ सेशेल्स से सेंट हेलेना भेजा गया था. उस समय सेशेल्स ब्रिटिश उपनिवेश मॉरीशस का हिस्सा था. सेंट हेलेना के तत्कालीन गवर्नर विलियम ग्रे-विल्सन के समय जोनाथन वहां पहुंचा. तब से अब तक इस द्वीप पर 31 गवर्नर बदल चुके हैं, लेकिन जोनाथन वहीं बना हुआ है.

आज जोनाथन सेंट हेलेना के गवर्नर निवास ‘प्लांटेशन हाउस’ के लॉन में रहता है. स्थानीय लोग उसे प्यार से ‘जोनो’ भी कहते हैं. सरकार उसकी देखभाल करती है और उसे द्वीप के राष्ट्रीय प्रतीक का दर्जा दिया गया है. उसकी तस्वीर सेंट हेलेना के 5 पेंस के सिक्के पर भी छपी है.

क्या सच में जोनाथन 194 साल का है?

जोनाथन की उम्र का अंदाजा उसके सेंट हेलेना पहुंचने के समय की स्थिति के आधार पर लगाया गया है. साल 2015 में सेंट हेलेना के पशु चिकित्सक डॉ. जो हॉलिंस ने कहा था कि रिकॉर्ड के अनुसार जोनाथन 1882 में वहां पहुंचा था और उस समय वह पूरी तरह बड़ा हो चुका था. इसी आधार पर अनुमान लगाया गया कि उसका जन्म 1832 के आसपास हुआ होगा. 

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी माना है कि जब जोनाथन सेंट हेलेना पहुंचा था, तब वह वयस्क था. इसलिए उसकी वास्तविक उम्र अनुमान से भी अधिक हो सकती है. हालांकि एक और दावा भी सामने आता है. सेंट हेलेना के पूर्व गवर्नर हेनरी लियोनेल गैलवे ने 1941 में लिखा था कि 1776 में एक जहाज के कप्तान ने दो कछुए गवर्नर को दिए थे. अगर वह कछुआ जोनाथन ही था, तो उसकी उम्र 250 साल से भी ज्यादा हो सकती है. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

जोनाथन के 191वें बर्थडे पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने वीडियो साझा किया था. आप भी देखें-

नेपोलियन से जुड़ी कहानी भी है मशहूर

जोनाथन को लेकर एक कहानी यह भी कही जाती है कि जब फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट को 1815 में वाटरलू युद्ध के बाद सेंट हेलेना में कैद किया गया था, तब उनकी मुलाकात जोनाथन से हुई थी. हालांकि इस बात के ठोस प्रमाण नहीं हैं.

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खराब आंखों के बावजूद है स्वस्थ

इतनी ज्यादा उम्र के बावजूद जोनाथन की सेहत काफी अच्छी बताई जाती है. हालांकि उसे मोतियाबिंद के कारण कम दिखाई देता है और उसकी सूंघने की क्षमता भी कमजोर हो चुकी है. डॉ. जो हॉलिंस ने बताया था कि एक समय जोनाथन की हालत खराब हो गई थी. वह खुद खाना नहीं खा पा रहा था. 2016 की बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, फिर उसके डाइट प्लान में बदलाव किया गया, जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार आया. 

जोनाथन के साथ रहते हैं तीन और कछुए

जोनाथन के साथ सेंट हेलेना में तीन अन्य कछुए भी रहते हैं, लेकिन वे उससे काफी छोटे हैं. इनमें एक कछुआ फ्रेडरिक भी शामिल है. साल 1991 में जब उसे लाया गया था, तब उसे मादा समझा गया था और उसका नाम ‘फ्रेडेरिका’ रखा गया था. लेकिन बाद में जांच में पता चला कि वह नर है. जोनाथन अपना ज्यादातर समय फ्रेडरिक के साथ ही बिताता है.

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