JNU में फिर आपस में भिड़े JNUSU और ABVP के छात्र, छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर पर हुआ बवाल

JNUSU ने आरोप लगाया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बॉम्बे) के एक छात्र के लिए न्याय की मांग को लेकर निकाले गए मार्च के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कुछ छात्रों पर हमला किया. हालांकि, एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार किया है.

वाम समर्थित जेएनयू छात्र संघ JNUSU और भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों के बीच एक बार फिर से बवाल की खबर है. दोनों छात्र संघों के बीच जमकर हंगामे की खबर है. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर को लेकर भिड़ंत हुई.

JNUSU ने एबीवीपी पर लगाया हमले का आरोप

JNUSU ने आरोप लगाया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बॉम्बे) के एक छात्र के लिए न्याय की मांग को लेकर निकाले गए मार्च के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कुछ छात्रों पर हमला किया. हालांकि, एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार किया है. जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा, एबीवीपी ने एक बार फिर छात्रों पर हमला किया है… दर्शन सोलंकी के पिता के आह्वान पर ‘कैंडल मार्च’ के तुरंत बाद हमला किया गया. जातिगत भेदभाव के खिलाफ आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए एबीवीपी ने एक बार फिर ऐसा किया है.

एबीवीपी ने JNUSU पर लगाया छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप

एबीवीपी ने वाम समर्थित छात्र संगठनों पर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया. एबीवीपी ने हमले के आरोप से इनकार किया और वामपंथी समूह पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर से एक माला निकालकर फेंकने का आरोप लगाया. छात्र संगठन ने कहा कि उसने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था. एबीवीपी ने कहा, कार्यक्रम के तुरंत बाद वामपंथी छात्र वहां आ गए और तस्वीर से माला उतारकर फेंक दी.

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आईआईटी बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी की मौत को लेकर मचा है बवाल

आईआईटी बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी के लिए न्याय की मांग को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था. अनुसूचित जाति समुदाय के दर्शन सोलंकी (18) ने छात्रावास की सातवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी. यह घटना आईआईटी के पवई परिसर में 12 फरवरी को हुई थी. छात्र के परिजनों को संदेह है कि उसकी मौत के मामले में कुछ गड़बड़ है और उन्होंने अरोप लगाया है कि उसे भेदभाव का सामना करना पड़ा था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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