JNU Violence Video : JNU परिसर में दशहरा विसर्जन शोभा यात्रा के दौरान बवाल, पत्थरबाजी में कई घायल

JNU Violence Video : दिल्ली के जेएनयू में रावण दहन के दौरान एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच तीखा विवाद हुआ. एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने उनके आयोजन में खलल डालकर हिंसा भड़का दी. वीडियो में देखें JNUSU संयुक्त सचिव वैभव मीना ने क्या बताया?

JNU Violence Video : बीती रात JNU परिसर में दशहरा विसर्जन शोभा यात्रा के दौरान छात्रों के दो ग्रुप के बीच झगड़ा और हिंसक विवाद हुआ. JNU के JNUSU संयुक्त सचिव वैभव मीना ने इस संबंध में न्यूज एजेंसी एएनआई को जानकारी दी. उन्होंने कहा,’’विजयादशमी के दिन JNUSU ने नक्सली विचारधारा वाले रावण के दहन का आह्वान किया था. नौ दिनों की नवरात्रि के दौरान JNU में दुर्गा पूजा होती है और विजयादशमी को मूर्ति विसर्जन किया जाता है. इसी अवसर पर शोभा यात्रा निकाली जा रही थी.’’

वैभव मीना ने कहा, ‘’पहले साबरमती में नक्सली नेताओं और उनके विचारधारा वाले व्यक्तियों जैसे अफजल गुरु, उमर खालिद, शरजील इमाम, जी साईं बाबा, चारू मजूमदार के फोटो के साथ रावण दहन किया गया. इसके बाद जब शोभा यात्रा परिसर के आसपास निकाली जा रही थी, तो लेफ्ट पार्टियां साबरमती टी पॉइंट पर मौजूद थीं, क्योंकि उन्होंने वहां दहन समारोह आयोजित किया था. उन्होंने शोभा यात्रा में बाधा डालने की कोशिश की. वे अपने स्थान को बदलकर वहां पहुंचे. जब हमारी शोभा यात्रा वहां पहुंची, तो लेफ्टिस्टों ने जूते, चप्पल और पत्थर फेंकी. इस दौरान यात्रा में शामिल छात्रों को चोटें आईं. वैभव ने कहा कि वे अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाएंगे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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