Fuel Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एलपीडी की कथित कमी की खबरों से देशभर में लोगों के बीच घबराहट का माहौल देखने को मिला. गुरुवार को कई शहरों में लोग पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए. हालांकि केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी नहीं है.
होटल और रेस्तरां कारोबार पर असर
एलपीजी की कथित कमी की खबरों का असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी पड़ने लगा है. कई भोजनालयों और फास्ट फूड चेन को आशंका है कि यदि आपूर्ति बाधित हुई तो उनका कामकाज प्रभावित हो सकता है और लागत बढ़ सकती है. तमिलनाडु होटल्स एसोसिएशन के अनुसार छोटे और मध्यम रेस्तरां सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. चेन्नई के कई भोजनालयों ने गैस बचाने के लिए डोसा और फ्राइड राइस जैसे ज्यादा गैस खपत वाले व्यंजन परोसना अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.
सिलेंडर की कीमत और उपलब्धता पर चिंता
दिल्ली के एक रेस्तरां मालिक ने बताया कि गैस सिलेंडर की भारी कमी महसूस हो रही है. उनका कहना है कि दोगुनी कीमत यानी 1500 से 2000 रुपये तक देने पर भी सिलेंडर मिलना मुश्किल हो रहा है, जबकि उनके रेस्तरां को रोजाना कम से कम तीन सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है.
कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस अलर्ट
दिल्ली में पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की सूची तैयार करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी सिलेंडर लोगों को उचित तरीके से मिलें.
अचानक बढ़ी बुकिंग से सिस्टम पर दबाव
तेल विपणन कंपनियों की बुकिंग प्रणाली पर भी अचानक दबाव बढ़ गया है. पश्चिम बंगाल में एलपीजी सिलेंडर की दैनिक बुकिंग लगभग दोगुनी होकर करीब दो लाख तक पहुंच गई है, जबकि पहले यह लगभग एक लाख थी. इंडियन एलपीजी वितरक संघ के प्रवक्ता बिजन विश्वास के मुताबिक लोग डर के कारण ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे यह स्थिति पैदा हुई है.
पश्चिम बंगाल में नियंत्रण कक्ष और निगरानी समिति
कोलकाता में भी एलपीजी सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. राज्य सरकार ने आपूर्ति की निगरानी के लिए ‘नबन्ना’ में 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्णय लिया है. साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एलपीजी संकट निगरानी समिति का गठन किया गया है.
स्कूलों के मिड-डे मील पर भी असर
पश्चिम बंगाल में एलपीजी की कथित कमी का असर कुछ स्कूलों के दोपहर का भोजन योजना पर भी पड़ने लगा है. कई जगहों पर खाना पकाने के लिए लकड़ी जैसे वैकल्पिक ईंधन का सहारा लिया जा रहा है या छात्रों को सीमित भोजन परोसा जा रहा है.
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
असम पुलिस ने एलपीजी और अन्य ईंधनों की कमी की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं सरकार ने अफवाहों और गलत सूचनाओं पर नजर रखने के लिए मीडिया निगरानी समिति का गठन किया है.
शादी और कैटरिंग कारोबार भी प्रभावित
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर शादी समारोह और कैटरिंग सेवाओं पर भी पड़ रहा है. पुडुचेरी के एक कैटरिंग सेवा प्रदाता ने बताया कि वे फिलहाल छोटे कार्यक्रमों के ऑर्डर नहीं ले रहे हैं और पहले से बुक बड़े आयोजनों को प्राथमिकता दे रहे हैं. दिल्ली के विवाह आयोजकों का कहना है कि यदि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो शादी समारोहों के खानपान खर्च में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है. (इनपुट भाषा)
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