LPG Crisis: राजस्थान के कई छोटे-बड़े भोजनालयों ने खाना पकाने के लिए कोयला और लकड़ी जैसे विकल्पों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे इनकी मांग में तेजी आई है.
लकड़ी की रोजाना खपत 100 किलोग्राम से बढ़कर 200-250 किलोग्राम हुआ
कोयला व्यापारी अयूब ने पीटीआई से कहा, पहले होटल और सड़क किनारे ढाबे सीमित मात्रा में कोयला इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब कई व्यवसाय बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं. लकड़ी की दैनिक खपत लगभग 100 किलोग्राम से बढ़कर 200-250 किलोग्राम तक पहुंच गई है. आने वाले दिनों में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है.
कोयले और लकड़ी की कीमत में इजाफा
एक अन्य लकड़ी व्यापारी मान केवालरामानी ने कहा कि बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी पड़ा है. उन्होंने कहा, पहले 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला कोयला अब लगभग 35 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. इसी तरह लकड़ी की कीमत आठ रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब 10 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. कई होटल मालिक भविष्य में ईंधन की कमी से बचने के लिए थोक में बुकिंग कर रहे हैं. एक अन्य कोयला आपूर्तिकर्ता हीरा लाख्यानी ने कहा कि यदि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पारंपरिक ईंधनों की मांग और उनकी कीमतें दोनों और बढ़ सकती हैं.
