Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साल 2025 में ‘इंडियन स्टेट से लड़ने’ वाला बयान दिया था, जिस पर काफी हंगामा हुआ. बीजेपी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. राहुल गांधी ने नए कांग्रेस ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर कहा था कि हमारी लड़ाई आरएसएस, बीजेपी और इंडियन स्टेट से है. ‘इंडियन स्टेट’ वाली बात पर खासा विवाद हुआ था. इस बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इसी याचिका पर शुक्रवार (1 मई) को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इसे खारिज कर दिया. सिमरन गुप्ता नाम की महिला की ओर से दायर इस याचिका पर न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने यह आदेश पारित किया.
कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला
कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रख लिया था. न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने याचिकाकर्ता और राज्य सरकार के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखा था. याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने संभल की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2025 में राहुल गांधी की कथित विवादास्पद टिप्पणी पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी.
राहुल गांधी पर याचिकाकर्ता ने क्या लगाया था आरोप?
याचिकाकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा था कि हम बीजेपी, आरएसएस और भारत सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका आरोप था कि इस बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुईं और यह देश को अस्थिर करने की मंशा से दिया गया, जो देशद्रोह के समान है. हालांकि, कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया.
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