Jharkhand Day: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड पवेलियन बना लोगों के आकर्षण का केंद्र

झारखंड दिवस का का उद्घाटन करते हुए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया. झारखंड स्थापना दिवस समारोह में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, कारीगरों की रचनात्मकता और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का एक जीवंत, प्रेरक और गतिशील रूप प्रस्तुत किया गया है. पवेलियन में इस बार नवाचार, परंपरा और प्रगति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. मुख्य सचिव ने पवेलियन में लगे सभी 32 स्टॉल का अवलोकन किया, जहां उन्होंने राज्य के कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रस्तुत उत्पादों को सराहा.

Jharkhand Day: भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में झारखंड पवेलियन में झारखंड दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन मंगलवार को किया गया. इस बार झारखंड पवेलियन में राज्य की कला, संस्कृति के अलावा औद्योगिक विकास को विशेष प्राथमिकता दी गयी है. मेला शुरू होने के साथ ही झारखंड पवेलियन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. झारखंड के बने उत्पाद लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं. खाद्य उत्पाद के साथ लाख की बनी चूड़ियां विशेष आकर्षण का केंद्र है. झारखंड दिवस का का उद्घाटन करते हुए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया. झारखंड स्थापना दिवस समारोह में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, कारीगरों की रचनात्मकता और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का एक जीवंत, प्रेरक और गतिशील रूप प्रस्तुत किया गया है.

पवेलियन में इस बार नवाचार, परंपरा और प्रगति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. मुख्य सचिव ने पवेलियन में लगे सभी 32 स्टॉल का अवलोकन किया, जहां उन्होंने राज्य के कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रस्तुत उत्पादों की सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य भी इस मेले के जरिये अपने विकास को प्रदर्शित कर रहा है. झारखंड सरकार राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. संस्कृति, परंपरा और विकास मॉडल तीनों को समान प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, तकनीक और हवाई कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधुनिक और उपयोगी इंफ्रास्ट्रक्चर का  तेजी से विकास हो रहा है. सरकार की कोशिश झारखंड को एक सक्षम, समृद्ध और भविष्य-उन्मुख राज्य के तौर पर स्थापित करने की है. 


नृत्य और संगीत ने लोगों को किया मंत्रमुग्ध

इस मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. संगीत और विरासत से सजी इन प्रस्तुतियों ने झारखंड की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप से पेश किया गया. राज्य के तपन नायक और टीम का छऊ नृत्य, किशोर नायक और टीम का नागपुरी नृत्य, सुखराम पहन और टीम का मुंडारी नृत्य , श्री कृष्ण भगत और उरांव नृत्य और अशोक कच्छप का पाइका नृत्य ने लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया. खास बात है कि झारखंड पवेलियन में इस साल विविधता और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. 

पैकर और सोहराय पेंटिंग जैसे पारंपरिक कला स्टॉल के साथ-साथ मत्स्य निदेशालय, जहाजगढ़ केंद्रीय, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, झारक्राफ्ट, पालाश मार्ट और झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे  स्टॉल विशेष आकर्षण बने हुए हैं. इसके अलावा छोटानागपुर क्राफ्ट, माटी कला बोर्ड, अर्मान कार्पेट, करियातपुर ब्रास, एमवीएम भागिमा (जोहार रागी), पीपल ट्री सहित कई स्थानीय उद्यमी और कारीगर जैसे मकबूल जादुपटिया, गीता वर्मा, संध्या सिंह कुंतिया, अनीता मंडल, अनूपा कुजूर, रजत कुमार हैंडलूम, आरती देवी हैंडलूम, अमोलीना सारस, ओम क्रिएशन, आइशा हैंडलूम, डामू बोडरा, बेबी कुमारी, बोगेंद्र पासवान और शांति विजय एंड कंपनी अपनी हस्तनिर्मित कलाओं और उत्पादों लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. 

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लेखक के बारे में

Author: Vinay Tiwari

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