Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया. देश की सबसे बड़ी एयरलाइनों में शामिल इंडिगो ने यहां से अपनी सेवाएं शुरू करते हुए इतिहास रच दिया. इसके साथ ही इंडिगो, जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है. एयरलाइन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह लखनऊ से पहली इंडिगो उड़ान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची. इसके कुछ ही देर बाद बेंगलुरु के लिए पहली प्रस्थान उड़ान रवाना हुई.
दिल्ली-एनसीआर को मिला तीसरा बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर अब दुनिया के उन चुनिंदा बड़े महानगरीय क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जहां एक से अधिक प्रमुख हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं. यह एनसीआर क्षेत्र का तीसरा एयरपोर्ट है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के बाद इंडिगो अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तीनों प्रमुख एयरपोर्ट से सेवाएं दे रही है. इनमें दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट और नोएडा का नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर भारत का दूसरा सबसे महंगा मेगा प्रोजेक्ट है. इसके पहले चरण के निर्माण पर लगभग ₹11,282 करोड़ का खर्च आया है, जबकि इसके पूर्ण विकास (सभी चरणों) की कुल अनुमानित लागत करीब ₹29,560 करोड़ है.
इंडिगो के मुख्य रणनीति अधिकारी आलोक सिंह ने कहा, ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत की विमानन यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है. दिल्ली-एनसीआर अब वैश्विक मेगासिटीज के उस विशेष समूह में शामिल हो गया है, जहां कई एयरपोर्ट यात्रियों की सेवा करते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इंडिगो के लिए एनआईए की पहली एयरलाइन बनना केवल व्यावसायिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और लाखों यात्रियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है.’
16 से ज्यादा शहरों से सीधी कनेक्टिविटी
इंडिगो ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक शहरों से सीधे जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों को नई यात्रा सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी. इसके अलावा एयरलाइन कई शहरों के बीच वन-स्टॉप कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराएगी. इनमें अमृतसर-जोधपुर, बरेली-भोपाल, बरेली-जयपुर, बरेली-जोधपुर, धर्मशाला-जोधपुर, चंडीगढ़-बरेली, चंडीगढ़-किशनगढ़, चंडीगढ़-पंतनगर, जम्मू-जोधपुर, जयपुर-धर्मशाला, जयपुर-पंतनगर, किशनगढ़-भोपाल और पंतनगर-जोधपुर जैसे रूट शामिल हैं. एयरलाइन का कहना है कि इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों को बड़े महानगरों से बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा और यात्रियों की यात्रा पहले से अधिक आसान होगी.
एयरपोर्ट प्रबंधन ने क्या कहा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने इंडिगो की पहली उड़ानों का स्वागत करते हुए कहा, ‘आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है. हमारी पहली एयरलाइन के रूप में इंडिगो देश के प्रमुख शहरों को यहां से जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को पहले दिन से ही बेहतर विकल्प और सुविधाएं मिलेंगी.’ उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट प्रबंधन और इंडिगो मिलकर यात्रियों को सहज यात्रा अनुभव देने के लिए काम करेंगे. साथ ही यह क्षेत्र में विमानन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
पहली फ्लाइट शुरू होने पर लोगों ने जताई खुशी
जेवर के लोकल लोगों ने इसे गर्व का मौका बताया. उन्होंने इसे गर्व का मौका बताया. उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी का धन्यवाद किया. क्षेत्र के लोकल लोगों को पहली फ्लाइट से उड़ान का मौका दिया गया.
गुल पनाग ने बताया रोमांचक लम्हा
बॉलीवुड अभिनेत्री गुल पनाग ने कहा, एक विमानन प्रेमी के तौर पर यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास रहा. लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिए संचालित पहली उड़ान का हिस्सा बनना रोमांचक और यादगार रहा. वर्षों से दिल्ली-एनसीआर के भीतर और बाहर यात्रा करती रही हूं, इसलिए यह देखकर विशेष उत्साह है कि भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी, आवाजाही और आर्थिक विकास के लिए कितनी नई संभावनाओं के द्वार खोलता है. आने वाले समय में इस एयरपोर्ट की विकास यात्रा और इसके प्रभाव को देखने का बेसब्री से इंतजार रहेगा.
यमुना एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक स्थिति
जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य के बड़े एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में देखा जा रहा है. इसकी भौगोलिक स्थिति इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देगा.
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एनसीआर के लिए गेम चेंजर होगा जेवर एयरपोर्ट
विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर देश के सबसे बड़े एयर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में से एक बन जाएगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा. पूरी तरह से बनने के बाद, यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है.
