दिल्ली पुलिस, तकनीकी साधनों और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए अपराधियों की पहचान कर रही है. इनमें से कई शातिर अपराधी बार-बार प्रदर्शन स्थल पर आ रहे थे, जिसकी वजह से पुलिस अब हिंसा में उनकी सीधी संलिप्तता की आशंका के तहत जांच कर रही है.
सीजेपी ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी, सरकार से मांगा लिखित आश्वासन
जंतर-मंतर पर 36 दिनों से जारी प्रदर्शन के स्थगित होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को CJP ने सरकार पर लिखित समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त कराने के लिए सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता हुई थी. तीसरे दौर की वार्ता में सरकार ने साफ तौर पर आश्वासन दिया था कि आंदोलनकारियों और आयोजकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे.
सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा
रांका ने कहा कि अगर मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिला तथा आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों और आयोजकों को रिहा नहीं किया गया, तो सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
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