सुबह हो गई मामू...जंतर-मंतर पर गूंजा जीत का नारा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने ऐसे मनाया जश्न

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर से जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल छा गया. 'सुबह हो गई मामू' जैसे नारों से पूरा धरनास्थल गूंज उठा. युवाओं ने किस तरह जीत का जश्न मनाया, जानें.

नई दिल्ली से संदीप सावर्ण की रिपोर्ट

सुबह हो गई मामू…मंच से जैसे ही यह आवाज गूंजी, जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों युवाओं का जोश चरम पर पहुंच गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद आंदोलन का माहौल विरोध से जश्न में बदल गया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के इस एक वाक्य ने पूरे धरनास्थल को नारों, तालियों और उत्साह से भर दिया. कोई एक-दूसरे को मेलोडी चॉकलेट खिलाता नजर आया तो कोई राष्ट्रध्वज लहराते हुए यह देश के युवाओं की जीत है के नारे लगा रहा था. दिनभर गुस्से की जगह उम्मीद और जीत के एहसास ने ले ली, हालांकि आंदोलनकारी लगातार यह भी कहते रहे कि उनकी अन्य मांगों पर फैसला होने तक संघर्ष जारी रहेगा.

अभिजीत के एक वाक्य ने बदल दिया माहौल

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुष्टि होते ही अभिजीत दीपके मंच पर पहुंचे. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “सुबह हो गई मामू.” बस फिर क्या था. पूरा जंतर-मंतर “छात्र एकता जिंदाबाद”, “युवा शक्ति जिंदाबाद” और “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा. कई छात्र इसे आंदोलन का सबसे यादगार पल बताते नजर आए.

जंतर-मतंर पर दिखा युवा शक्ति (फोटो- प्रभात खबर)

जब सलमान खान की फैन पहुंची आंदोलन में

मथुरा से आई लॉ की छात्रा शाइबा ने प्रभात खबर से कहा कि अभिनेता सलमान खान के आंदोलन को लेकर किए गए सोशल मीडिया संदेश से उन्हें प्रेरणा मिली. उन्होंने कहा कि वह उसी संदेश के साथ यहां पहुंची हैं और सभी युवाओं से अपील करती हैं कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे.

यह सिर्फ बच्चों की नहीं, परिवारों की लड़ाई है : सरिता

धरनास्थल पर बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे. कई माता-पिता अपने बच्चों के साथ पोस्टर लेकर बैठे थे. साउथ दिल्ली की सरिता का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरा परिवार वर्षों तक मेहनत करता है, इसलिए यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि हर उस परिवार का है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए चिंतित है. उन्होंने कहा कि गाली देनी गलत बात है, लेकिन जिस प्रकार से पुलिस ने अभद्रता की है उसकी तुलना में यह बहुत छोटी बात है.

स्पाइडरमैन बना आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शन में एक युवा स्पाइडरमैन की वेशभूषा पहनकर पहुंचा. उसने कहा, “अब बुरा करने वालों की खैर नहीं. व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है.” उसके साथ फोटो और सेल्फी लेने वालों की भीड़ लगी रही.

स्पाइडर मैन मास्क के साथ युवा (फोटो- प्रभात खबर)

हेलमेट पहनकर पहुंचे युवा, लगाए अलग अंदाज में नारे

कुछ युवा हेलमेट पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे. उनका कहना था कि जंतर-मंतर की आवाज सत्ता तक पहुंची है. इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने खेल जगत से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतीकात्मक नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की. चंडीगढ़ से पहुंचे विराट कोहली के फैंस ने लगे हाथ इंडियन क्रिकेट को बचाने के लिए गौतम गंभीर के इस्तीफे की भी मांग कर दी.

चाय की केतली लेकर हुई मिमिक्री

कुछ युवाओं ने हाथों में चाय की केतली लेकर प्रधानमंत्री की शैली की मिमिक्री की. आसपास मौजूद लोगों ने इसे कैमरों में कैद किया. पूरे समय पुलिस यह सुनिश्चित करती रही कि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे.

मेलोडी चॉकलेट बांटकर मनाई खुशी

इस्तीफे की खबर मिलते ही युवाओं ने एक-दूसरे को मेलोडी चॉकलेट और मिठाइयां खिलाईं. कई छात्र इसे “मेहनत और एकजुटता की मिठास” बताते नजर आए.

उत्साह के बीच पुलिस की अपील भी जारी रही

संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी बड़ी तैनाती रही. पुलिस लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने और कार्यक्रम समाप्त होने पर घर लौटने की अपील करती रही. हालांकि देर शाम तक बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर पर मौजूद रहे.


जंतर-मंतर पर युवाओं की शक्ति (फोटो- सोशल मीडिया)

उत्सव के बीच जिम्मेदारी की मिसाल

जश्न के बाद कई छात्र हाथों में झाड़ू लेकर पूरे धरनास्थल की सफाई करते नजर आए. उन्होंने प्लास्टिक की बोतलें, पोस्टर और अन्य कचरा इकट्ठा कर डस्टबिन में डाला. छात्रों का कहना था कि आंदोलन केवल व्यवस्था बदलने का नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने का भी संदेश है.

शाम 6 बजे तक के प्रमुख अपडेट

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल.
  • “सुबह हो गई मामू…” पूरे दिन का सबसे चर्चित नारा बना.
  • मेलोडी चॉकलेट बांटकर युवाओं ने खुशी जताई.
  • स्पाइडरमैन की वेशभूषा और चाय की केतली के साथ प्रतीकात्मक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे.
  • विभिन्न राज्यों से आए छात्र, अभिभावक और युवा पेशेवर बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
  • पुलिस और अर्धसैनिक बल पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे.
  • कुछ युवाओं द्वारा बैरिकेडिंग पर चढ़ने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती.
  • कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर सकारात्मक संदेश दिया.

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उज्जवल कुमार सिन्हा एक अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं और पिछले छह वर्षों से खेल पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स सेक्शन में लीड की भूमिका निभा रहे हैं, जहां कंटेंट प्लानिंग, SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट, एक्सप्लेनर, डेटा-ड्रिवन स्टोरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, लाइव कवरेज और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की डिजिटल रणनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

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