जम्मू-कश्मीर में 10 दिनों के भीतर हुए दो आतंकी हमलों में दो गैर-स्थानीय मजदूरों और एक पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों की मौत हुई है. पहला हमला पिछले हफ्ते अनंतनाग में हुआ था, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की जान चली गई. अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद घाटी में यह पहला बड़ा आतंकी हमला था. पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी.
शुक्रवार (31 जुलाई) को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में दूसरा आतंकी हमला हुआ. इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौत हो गई. शुरुआती जानकारी में एक मजदूर की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन घायल मजदूर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे घायल मजदूर बोपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, जहां से बाद में उसे सौरा स्थित एसकेआईएमएस अस्पताल रेफर किया गया. इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई.
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अधिकारियों ने बताया कि दोनों मजदूर 20 से 30 साल की आयु के थे और छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. इस हमले से करीब 10 दिन पहले अनंतनाग शहर में भी आतंकवादियों ने एक पुलिस अधिकारी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी.
साल 2024 में श्रीनगर में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई थी
इससे पहले 2024 में जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन (गर्मी के मौसम में) राजधानी श्रीनगर में भी दो मजदूरों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. सात फरवरी 2024 को पंजाब के दो मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में एक आतंकवादी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
