CDS General Bipin Rawat जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाके के बारे में जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर में भटके हुए युवाओं को समझाने का प्रयास किया जाना चाहिए. बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर के लोग शांति चाहते है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि विशेष रूप से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर के लोग घाटी में अब शांति की वापसी देख रहे है.
सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर के लोगों ने घाटी में बहुत सारे आतंकवाद और उग्रवाद को देखा है, लेकिन अब वे शांति की उम्मीद कर रहे है. उन्होंने कहा कि यह सिलसिला जारी रहा तो एक वक्त ऐसा आएगा, जब लोग खुद हिंसा से दूर हो जाएंगे और घाटी में उग्रवाद की अनुमति नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के समर्थन के बिना आतंकवाद और उग्रवाद जिंदा नहीं रह सकता है.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर के कुछ युवा जिन्हें गुमराह किया गया है, मुझे लगता है कि हमें उनकी पहचान करनी चाहिए और यह देखने की जरूरत है कि हम उनसे कितनी अच्छी तरह बात कर सकते हैं और उन्हें समझा सकते हैं. उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया जाना चाहिए कि आतंकवाद नहीं, बल्कि शांति आगे का रास्ता है. बिपिन रावत ने कहा कि सीमा पर अब तक संघर्ष विराम जारी है, जो एक सकारात्मक संकेत है. लेकिन, ड्रोन का उपयोग करके हथियारों और गोला-बारूद के जरिए घुसपैठ की जा रही है जो कि शांति के लिए शुभ संकेत नहीं है.
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