विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कर्नाटक बीजेपी में घमासान जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने पार्टी से बगावत कर दी है. उन्होंने पार्टी आलाकमान के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है और आगामी चुनाव हर हाल में लड़ने का निर्णय लिया है.
बीजेपी आलाकमान ने जगदीश शेट्टार से चुनाव नहीं लड़ने के लिए कहा था
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने जगदीश शेट्टार को 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने को कहा, जिस पर उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं को अपनी अप्रसन्नता से अवगत करा दिया है. हुबली-धारवाड़ से मौजूदा विधायक शेट्टार (67) ने बताया कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा कि वह फिर से चुनाव लड़ेंगे, और उनसे उन्हें एक और अवसर देने का अनुरोध किया है. शेट्टार ने उनसे कहा कि उनका निर्णय उन्हें स्वीकार्य नहीं है और उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. मुझे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संदेश मिला कि मैं वरिष्ठ हूं और एक पूर्व मुख्यमंत्री हूं. इसलिए, दूसरों को अवसर दीजिए.
पार्टी को मजबूत करने के लिए 30 वर्ष कड़ी मेहनत की : शेट्टार
भाजपा की कनार्टक इकाई के पूर्व अध्यक्ष एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके शेट्टार ने कहा कि उन्होंने उत्तरी कर्नाटक में पार्टी को मजबूत करने के लिए 30 वर्ष कड़ी मेहनत की. उन्होंने कहा, अगर उन्होंने मुझे दो से तीन महीने पहले बताया होता, तो यह मेरे लिए सम्मानजनक होता. लेकिन अब नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने में सिर्फ दो दिन शेष रह गये हैं, इसलिए मैं निश्चित रूप से आहत हुआ हूं. मैंने उनसे कहा है कि मैं चुनाव लडूंगा. आपने जो कुछ भी कहा है वह मेरे लिये स्वीकार्य नहीं है. इसलिये, कृपया अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें और मुझे एक बार फिर से चुनाव लड़ने का अवसर दें.
जगदीश शेट्टार ने कहा- मेरी पॉपुलैरिटी अच्छी है
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह छह बार विधानसभा के लिये चुने गये हैं और हर बार उनकी जीत 25,000 या इससे अधिक मतों के अंतर से हुई. उन्होंने कहा, सर्वे में भी मेरी पॉपुलैरिटी अच्छी है. मैं एक भी चुनाव नहीं हारा हूं. मेरे टिकट से इनकार करने का कोई कारण नहीं है, इसलिए मैंने पार्टी आलाकमान से मुझे चुनाव लड़ने का अवसर देने का अनुरोध किया है.
