Operation Ajay: सायरन बजते ही सहम जाते हैं लोग, जानें इजराइल से भारत लौटे लोगों ने क्या कहा

Operation Ajay: इजराइल से आए भारतीयों के पहले जत्थे में शामिल पश्चिम बंगाल की एक निवासी दुती बनर्जी ने कहा कि वहां स्थिति काफी खराब है. सामान्य जीवन मानो ठहर सा गया है. लोग डरे हुए हैं और गुस्से में हैं. यहां तक कि जब मैं आ रही थी तो मैंने सायरन की आवाजें सुनीं और मुझे शिविर में भी जाना पड़ा.

Operation Ajay: इजराइल से छात्रों सहित करीब 200 भारतीयों का पहला जत्था एक चार्टेड विमान से शुक्रवार तड़के दिल्ली पहुंच गया जहां केंद्रीय मंत्री राजी‍व चंद्रशेखर ने उनका स्वागत किया. आपको बता दें कि हमास आतंकवादियों द्वारा पिछले शनिवार को इजराइल पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था, जिसके परिणामस्वरूप स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों को वापस लाने के लिए भारत ने ऑपरेशन अजय शुरू किया. केंद्रीय मंत्री राजी‍व चंद्रशेखर ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया और उनमें से कुछ लोगों से हाथ मिलाते हुए कहा ‘वेलकम होम’. इजराइल में 2019 से रह रहे शोधकर्ता शाश्वत सिंह अपनी पत्नी के साथ दिल्ली पहुंचे. पश्चिम बंगाल के निवासी और इजराइल के बीरशेबा में ‘बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ द नेगेव’ में पीएचडी के प्रथम वर्ष के छात्र सुपर्नो घोष विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे भारतीय समूह का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि हम अस्थायी शिविरों में थे. इजराइली सरकार ने हर जगह शिविर बनाए हुए थे, इसलिए हम सुरक्षित थे. छात्र दीपक ने बताया कि हमने शनिवार को सायरन की आवाजें सुनीं. जब हमले होते थे हम आवाज सुन सकते थे. इजराइली अधिकारी हमें एहतियात बरतने के दिशा-निर्देश दे रहे थे. लगातार हमले हो रहे थे। मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं लेकिन वहां (इजराइल) फंसे हमारे दोस्तों के लिए दुखी भी हूं.

ऑपरेशन अजय के तहत इजरायल से भारत आई एक महिला स्वाति पटेल ने बताया कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है. वहां जब सायरन बजता है तो बहुत डर लगता है. सायरन बजने पर शेल्टर में जाना होता है. यहां हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. जब भी सायरन बजता था तब हमें 1.5 मिनट में शेल्टर में जाना होता था. इजराइल से भारत आई सीमा बलसारा ने कहा कि मैं एयर इंडिया की ओर से तेल अवीव में एयरपोर्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत थी, मैं वहां पर पिछले 10 महीने से थी, वहां से हमें बाहर निकाला गया. पिछले 4-5 दिनों से वहां की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हमने उस स्थिति का सामना किया और अब हम यहां हैं. मेरा परिवार भारत में ही रहता है, मैं वहां(तेल अवीव) रह रही थी. 

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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