Iran Protests: ईरान में हिंसक प्रदर्शन पर भारत की पैनी नजर, भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी

Iran Protests: ईरान में देशव्यापी हिंसक प्रदर्शन जारी है. अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान संकट पर भारत सरकार का बयान सामने आया है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा- ईरान हिंसा पर भारत की पैनी नजर है.

विदेश सचिव विक्रम मिसरी, फोटो एक्स

Iran Protests: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. ईरान और ग्रीनलैंड को लेकर मीडिया ने उनसे सवाल पूछा, जिसके उत्तर में उन्होंने कहा, हम ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं. ईरान में भारतीय प्रवासियों और भारत से गए छात्रों की एक बड़ी संख्या है. वहां लगे प्रतिबंधों के बावजूद, हमारा दूतावास छात्र समुदाय से संपर्क करने में कामयाब रहा है और पता चला है कि वे सभी ठीक हैं और अब तक उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है. हमने वहां रहने वाले अपने सभी देशवासियों को सलाह दी है कि वे बाहर न निकलें या खुद को किसी भी तरह की अशांति के बीच न फंसाएं.

देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: ईरान के विदेश मंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को बताया कि देश में हिंसक प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई है. अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यही चाहते हैं कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन हो ताकि उन्हें हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके.

ईरान हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत

ईरान हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बात की. कतर द्वारा वित्त पोषित अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क ने उनके बयान प्रसारित किए. अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क को देश में इंटरनेट बंद होने के बावजूद काम करने की अनुमति दी गई है.

ईरान में क्यों भड़की हिंसा?

ईरान में ताजा विरोध प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा कारण रियाल की कीमत का गिरना है. उसके बाद प्रदर्शन ने बड़ा रूप लिया. प्रदर्शनकारी महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार और कमजोर होती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन में हिस्सा लेने लगे. देखते-देखते शुरुआती विरोध प्रदर्शन देशव्यापी हो गया और हिसंक रूप ले लिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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