INS कोलकाता ने MV माशाअल्लाह 1 को बचाया, इंडियन नेवी के सामने समुद्री लुटेरों का सरेंडर; व्यापारी जहाज को ऐसे बचाया

INS Kolkata saves MV Mashallah 1: भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 के पास संदिग्ध समुद्री डकैती की कोशिश को नाकाम कर दिया. नौसेना ने हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग ऑपरेशन के जरिए खतरे को टाला.

INS Kolkata saves MV Mashallah 1: पश्चिमी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और ताकत का प्रदर्शन करते हुए समुद्री डकैती की संभावित घटना को टाल दिया. भारतीय युद्धपोत INS कोलकाता ने व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 के आसपास संदिग्ध पायरेसी गतिविधि की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और खतरे को विफल कर दिया.

भारतीय नौसेना को पश्चिमी हिंद महासागर, खासकर अदन की खाड़ी के आसपास तैनाती के दौरान सूचना मिली थी कि व्यापारी जहाज MV Mashallah 1 के करीब समुद्री लुटेरों की संदिग्ध हलचल देखी गई है. जानकारी मिलते ही मिशन पर तैनात INS Kolkata ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया.

हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग टीम ने संभाला मोर्चा

स्थिति का आकलन करने के लिए युद्धपोत से हेलीकॉप्टर उड़ाया गया. इसके साथ ही जहाज पर मौजूद नौसैनिकों ने बोर्डिंग ऑपरेशन भी चलाया. भारतीय नौसेना की इस त्वरित कार्रवाई के चलते व्यापारी जहाज सुरक्षित रहा और संभावित समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम हो गई. 

इंडियन नेवी 2008 से है मुस्तैद

घटना के बाद नौसेना ने कहा कि वह समुद्री व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा, पायरेसी रोकने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. भारतीय नौसेना वर्ष 2008 से अदन की खाड़ी में लगातार एंटी-पायरेसी ऑपरेशन चला रही है. इस दौरान कई व्यापारी जहाजों को सुरक्षित बचाया गया है और समुद्री लुटेरों की कोशिशों को विफल किया गया है.

INS Kolkata की खासियत क्या है?

आईएनएस कोलकाता भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है. इसे अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना में शामिल किया था. यह भारत में स्वदेशी तकनीक से बना सबसे बड़ा युद्धपोत माना जाता है. जहाज में आधुनिक गनरी सिस्टम, एंटी-सबमरीन वारफेयर हथियार, एयर और सरफेस मिसाइल सिस्टम, सर्विलांस रडार और सोनार जैसी उन्नत तकनीकें मौजूद हैं.

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हाईटेक डिजिटल सिस्टम से लैस है युद्धपोत

आईएनएस कोलकाता में कई आधुनिक डिजिटल नेटवर्क सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें AISDN, ACS, APMS और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं. इन तकनीकों की मदद से जहाज के सेंसर, हथियार, पावर मैनेजमेंट और युद्ध संबंधी सूचनाओं को एक साथ नियंत्रित किया जाता है. इससे समुद्री निगरानी और ऑपरेशन क्षमता काफी मजबूत होती है.

दो हेलीकॉप्टर ऑपरेट करने की क्षमता

यह युद्धपोत दो सीकिंग या चेतक हेलीकॉप्टर संचालित कर सकता है. इसके अलावा जहाज में चालक दल के आराम का भी खास ध्यान रखा गया है. रहने और भोजन की व्यवस्था को आधुनिक मॉड्यूलर डिजाइन के आधार पर तैयार किया गया है.

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स्वदेशी तकनीक पर खास जोर

आईएनएस कोलकाता की सबसे बड़ी खासियत इसका उच्च स्तर का स्वदेशीकरण है. जहाज में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश सिस्टम और उपकरण भारत में विकसित किए गए हैं, जिससे भविष्य के युद्धपोत निर्माण के लिए मजबूत घरेलू तकनीकी आधार तैयार हुआ है.

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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