Infrastructure: देश की सात रेल, सड़क और अन्य परियोजनाओं की पीएम गति शक्ति के तहत हुई समीक्षा

देश में एकीकृत मल्टी मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए गठित नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) द्वारा सात परियोजनाओं की समीक्षा की गयी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत पूरी हो सके. ताकि देश में लॉजिस्टिक्स क्षमता में वृद्धि, यात्रा समय में कमी और विभिन्न क्षेत्रों को सामाजिक-आर्थिक लाभ मिल सके.

Infrastructure: देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जा रही है. महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए निगरानी की जाती है. देश में एकीकृत मल्टी मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए गठित नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) द्वारा सात परियोजनाओं की समीक्षा की गयी. इन परियोजनाओं में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक सड़क परियोजना, एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी), तीन रेल परियोजनाएं और पीएम मित्र योजना के तहत दो टेक्सटाइल पार्क के कामकाज की समीक्षा की गयी.

समीक्षा का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत पूरी हो सके. ताकि देश में  लॉजिस्टिक्स क्षमता में वृद्धि, यात्रा समय में कमी और विभिन्न क्षेत्रों को सामाजिक-आर्थिक लाभ मिल सके. 

डीपीआईआईटी ने की समीक्षा

बैठक में पीएम मित्र पार्क के तहत मध्य प्रदेश में कपड़ा मंत्रालय ने दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा क्षेत्र के तहत पीएम मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान पार्क के विकास का प्रस्ताव रखा है. यह पार्क धार, इंदौर, रतलाम, झाबुआ और उज्जैन जैसे जिलों को लाभान्वित करेगा. इसके अलावा तमिलनाडु के विरुधनगर में 1052 एकड़ में फैले पीएम मित्र पार्क के विकास का प्रस्ताव रखा है. यह बैठक उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव (लॉजिस्टिक्स) पंकज कुमार की अध्यक्षता में हुई.   

रेल मंत्रालय की तीन प्रमुख परियोजना


रेल मंत्रालय बिहार के पटना जिले में बख्तियारपुर और फतुहा के बीच 24.156 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण का प्रस्ताव रखा है. यह परियोजना क्षेत्रीय गतिशीलता, माल ढुलाई क्षमता और आर्थिक एकीकरण को मजबूत करेगी. इससे पटना, राजगीर, बोधगया, नालंदा जैसे पर्यटन स्थलों तक संपर्क बढ़ेगा. साथ ही इसके निर्माण से इन इलाकों में आर्थिक गतिविधि तेज होगी. इसके निर्माण से क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास को नयी गति मिलेगी. इसके अलावा दक्षिणी रेलवे के चेंगलपट्टू जिले में 30.021 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन का प्रस्ताव रखा है. 

इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते यात्री और माल ढुलाई के लिए क्षमता बढ़ाना है. साथ ही डोंगरगढ़ और गोंदिया (छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र) के बीच चौथी लाइन के निर्माण का प्रस्ताव है. यह 84.10 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन है. इससे गोंदिया जंक्शन पर भीड़भाड़ कम होगी और खनन, कृषि तथा विनिर्माण क्षेत्रों को लाभ होगा.

बुनियादी ढांचे के विकास को मिलेगा बढ़ावा

इन तीनों रेलवे परियोजनाओं के लिए स्टेशन के बुनियादी ढांचे के उन्नयन, यात्री सुविधाओं और दिव्यांगजनों के लिए सुगमता की भी सिफारिश की है. बैठक में मध्य प्रदेश के रीवा से चुरहट तक राष्ट्रीय राजमार्ग-39 का चौड़ीकरण की भी समीक्षा की गयी. यह परियोजना सिंगरौली में सीमेंट और कोयला उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई गलियारे के रूप में काम करेगी.

गौरतलब है कि पीएम गति शक्ति एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है. यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाता है ताकि बुनियादी ढांचे परियोजनाओं की एकीकृत योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके. 

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Published by: Anjani kumar singh

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