Indian Woman Missing  in Pakistan : अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई महिला गायब

Indian Woman Missing in Pakistan : पंजाब के कपूरथला जिले के अमनीपुर गांव की सरबजीत कौर 4 नवंबर को पाकिस्तान गई थीं. वह गुरुद्वारा ननकाना साहिब में होने वाले ‘प्रकाश पर्व’ के समारोह में शामिल होने के लिए वहां पहुंचीं. इसके बाद से उसकी कोई खबर नहीं है.

Indian Woman Missing  in Pakistan : पंजाब की एक महिला श्रद्धालु पाकिस्तान से वापस भारत नहीं लौटीं हैं. वह ननकाना साहिब में दर्शन करने के लिए जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी. पुलिस की ओर से इसकी जानकारी  दी गई है. पुलिस ने कहा कि महिला की तलाश की जा रही है. वह भारत से गए कई सिख श्रद्धालुओं में शामिल थीं, जो गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के कार्यक्रमों में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचे थे. उनका नाम सरबजीत कौर है और वह पंजाब के कपूरथला जिले के अमनीपुर गांव की रहने वाली हैं. वह अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थीं.

न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस संबंध में खबर दी है. तलवंडी चौधड़ियां के एसएचओ निर्मल सिंह के अनुसार, पुलिस ने महिला की तलाश शुरू कर दी है. यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि वह कहां है. कपूरथला के अलग-अलग थानों में तीन मामले दर्ज किए गए हैं और पुलिस उसके बारे में हर संभव जानकारी जुटा रही है.

4 नवंबर को पाकिस्तान गया था सिख श्रद्धालुओं का जत्था

सरबजीत उन 1,900 से ज्यादा सिख श्रद्धालुओं के जत्थे का हिस्सा थीं, जो 4 नवंबर को पाकिस्तान गए थे. वे गुरुद्वारा ननकाना साहिब में होने वाले प्रकाश पर्व कार्यक्रम में शामिल होने और अन्य प्रमुख सिख गुरुद्वारों के दर्शन करने पहुंची थीं. जिस जत्थे के साथ वह पाकिस्तान गई थीं, वह गुरुवार रात भारत लौट आया, लेकिन सरबजीत कौर उसके साथ वापस नहीं आईं.

पाकिस्तान के इमिग्रेशन अधिकारियों ने जानकारी भारतीय अधिकारियों को दी

न्यूज  एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान के इमिग्रेशन अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी भारतीय अधिकारियों को दे दी है. भारत की इमिग्रेशन टीम अब कौर और उनके परिवार के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए उनके गांव से संपर्क कर रही है, ताकि पूरा मामला स्पष्ट हो सके.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान जाने वाला पहला जत्था

गुरुवार को जो जत्था 10 दिन की ननकाना साहिब यात्रा और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के बाद भारत लौट आया, वह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान जाने वाला पहला जत्था था. ऑपरेशन के बाद भारत ने पाकिस्तान यात्रा पर प्रतिबंध लगाए थे, जिनके बाद यह पहली धार्मिक यात्रा हुई.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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