VIDEO: 331 मीटर ऊंचा देश का पहला केबल रेल ब्रिज रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार, देखें इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना

Indian Railways Anji Khad Cable Bridge Video - बेजोड़ इंजीनियरिंग का नमूना यह अंजी खड्ड ब्रिज जम्मू-कश्मीर में चेनाब की सहायक नदी अंजी के ऊपर बनाया गया है. इस पुल को 96 केबल से सपोर्ट दिया गया है और इसके सारे केबल अब फिक्स कर दिये गए हैं.

Anji Khad Cable Bridge Video Indian Railways News: भारत का पहला केबल आधारित रेल पुल रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हो गया है. बेजोड़ इंजीनियरिंग का नमूना यह अंजी खड्ड ब्रिज जम्मू-कश्मीर में चेनाब की सहायक नदी अंजी के ऊपर बनाया गया है. इस पुल को 96 केबल से सपोर्ट दिया गया है और इसके सारे केबल अब फिक्स कर दिये गए हैं. रेल मंत्री अश्निणी वैष्णव ने इसका वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है, जो देखने में शानदार है. इस पुल की लंबाई 725 मीटर है और यह नदी के तल से लगभग 331 मीटर ऊपर है. भारत के लिए यह पुल इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से कश्मीर घाटी बाकी देश से अब आसानी से जुड़ जाएगा.

अंजी खड्ड ब्रिज के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें
  • 725 मीटर लंबे इस पुल में 473 मीटर का भाग केबल के सहारे है.

  • इसमें केवल एक ही पिलर है, जिसकी कुल लंबाई 193 मीटर है.

  • यह पुल जम्मू-बारामूला लाइन के कटरा और रियासी खंड को जोड़ेगा.

  • यह पुल 213 किमी प्रति घंटे की हवा का सामना कर सकता है.

  • इसपर ट्रेनें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.

  • अंजी खड्ड ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट सबसे महत्वपूर्ण भागों में शामिल हैं.

  • यह एक तरफ सुरंग टी-2 (कटरा छोर) और दूसरी तरफ सुरंग टी-3 (रियासी छोर) को जोड़ता है.

  • यह चेनाब की सहायक नदी अंजी के ऊपर बनाया गया है. इस पुल को 11 महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है.

  • केबल पुल रियासी की तरफ 183 मीटर लंबा है और कटरा की तरफ 290 मीटर. इसपर एक सिंगल लाइन रेलवे ट्रैक है.

  • यह 326 किलोमीटर लंबी जम्मू-बारामूला रेल लाइन का हिस्सा होगा, जो श्रीनगर से भी होकर गुजरेगी.

  • यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे की देखरेख में कोंकण रेलवे और हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है.

  • नदी के तल से इसके टावर तक की ऊंचाई 331 मीटर बन रही है जो फ्रांस के एफिल टावर (330 मीटर) से अधिक है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >