Dhruv Helicopter: भारतीय सेना के ध्रुव हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग

Dhruv Helicopter: भारतीय सेना के एक ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर को आज महाराष्ट्र के सांगली जिले के एक गांव के पास एक खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. जिससे कई जवानों की जान बच गई.

Dhruv Helicopter: भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया, ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर को एहतियातन खेत में उतरना पड़ा. अधिकारी ने बताया, हेलिकॉप्टर को हवा में अत्यधिक कंपन का अनुभव हुआ. जिसके बाद आनन-फानन में हेलिकॉप्टर को खेत में उतारना पड़ा. बताया जा रहा है, हेलिकॉप्टर अब वापस नासिक सैन्य स्टेशन के लिए उड़ान भर चुका है.

क्या है ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर की खासियत

एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव (Advanced Light Helicopter Dhruv – ALH Dhruv) पूरी तरह से स्वदेशी है. जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने तैयार किया है. यह हेलीकॉप्टर तीनों सेनाओं के पास बड़ी संख्या में मौजूद है. वायु सेना के पास करीब 107 ध्रुव हैं, तो थल सेना के पास 191 और नौसेना के पास करीब 15 हेलीकॉप्टर मौजूद हैं. बेडे में और भी हेलीकॉप्टर को शामिल भी किया गया है. ध्रुव हेलीकॉप्टर में दो पायलट होते हैं. जिसमें 12 सैनिकों के बैठने की सुविधा होती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह एक बार में 630 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. इसकी लंबाई 52.1 फीट और 16.4 फीट ऊंचाई है. इसकी अधिकतम गति 291 किलोमीटर प्रति घंटा है.

यूटिलिटी हेलीकॉप्टर है ध्रुव

भारतीय सेना के ध्रुव हेलीकॉप्टर को यूटिलिटी हेलीकॉप्टर कहा जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर सैनकों को लाने-लेजाने के लिए किया जाता है. इसके साथ ही उसका उपयोग कार्गो को लाने-लेजाने के लिए भी किया जाता है.

Also read: पलामू की धरती से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान-बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती देशभर में मनायी जाएगी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >