क्या पेमेंट की वजह से चीन की ओर मुड़ा ईरानी तेल से भरा जहाज? सरकार ने दिया इस सवाल का जवाब

Iranian Crude : केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि ईरान से तेल खरीदने में भुगतान को लेकर कोई दिक्कत नहीं है. कच्चे तेल की सप्लाई भी पूरी तरह सेफ है, इसलिए देश में तेल को लेकर घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है.

Iranian Crude : केंद्र सरकार ने शनिवार (4 अप्रैल) को साफ किया कि ईरान से कच्चा तेल खरीदने में पेमेंट की कोई दिक्कत नहीं है. रिफाइनरियां ईरान के साथ-साथ दुनिया के दूसरे देशों से भी लगातार तेल ले रही हैं.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन खबरों को खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी कच्चा तेल ले जा रहा एक तेल टैंकर भारत के बजाय चीन की ओर मुड़ गया है.

अपना डेस्टिनेशन बदल सकते हैं जहाज

मंत्रालय ने कहा कि ये दावे सही नहीं हैं, क्योंकि आम तौर पर जहाज चलते-चलते अपना डेस्टिनेशन बदल सकते हैं, ये इंडस्ट्री में सामान्य बात है. अगर ये खेप भारत आती, तो करीब सात साल में ऐसा पहली बार होता, जो काफी अलग मामला होता. मंत्रालय ने कहा कि ये बात बिल्कुल गलत है कि पेमेंट की दिक्कत की वजह से कार्गो को गुजरात के वाडिनार की जगह चीन भेजा गया.

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भारत खरीदता है 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल

मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है और कंपनियों को अलग-अलग जगहों से तेल लेने की पूरी छूट होती है. पश्चिम एशिया में कुछ दिक्कतों के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी जरूरत का तेल सुरक्षित कर लिया है. उन्होंने ये भी कहा कि अफवाहों के उलट ईरान से तेल खरीदने में पेमेंट को लेकर कोई परेशानी नहीं है.

जहाजों पर नजर रखने वाली फर्म ‘केपलर’ ने बताया कि 2002 में बना और 2025 में अमेरिका से बैन हुआ टैंकर ‘पिंग शुन’ अब गुजरात के वाडिनार की बजाय चीन के डोंगयिंग डेस्टिनेशन बता रहा है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि लगभग 44,000 टन ईरानी एलपीजी लाने वाला एक जहाज सी बर्ड दो अप्रैल को मंगलौर पहुंचा और इस समय माल उतार रहा है.

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Published by: Amitabh Kumar

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