Video: अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान का गेट बंद, गाड़ियों की लंबी कतार, रोते-बिलखते इंतजार में पाक नागरिक

India Pakistan Tensions: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इस बीच पाक ने अटारी बॉर्डर के गेट को बंद कर दिया है. सुबह से गेट नहीं खोला है. जिससे भारत के आदेश के बाद स्वदेश लौट रहे पाकिस्तानी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. वाघा बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है.

India Pakistan Tensions Attari checkpost

India Pakistan Tensions: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सरकार के कड़े निर्णय के बाद पाकिस्तानी नागरिक लगातार स्वदेश लौट रहे हैं. इस बीच गुरुवार को पाकिस्तान ने नापाक चाल चलते हुए अटारी बॉर्डर के गेट को सुबह से बंद कर दिया है. जिससे वाघा बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है. पाकिस्तानी नागरिक सुबह से स्वदेश वापसी के लिए गेट खुलने का इंतजार कर रहे हैं. पाकिस्तान न तो अपने नागरिकों को वापस आने दे रहा है और न ही पाकिस्तान में फंसे भारतीयों को भारत लौटने दे रहा है.

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रोते-बिलखते स्वदेश लौट रहे पाकिस्तानी नागरिक

अटारी बॉर्डर पर कई पाकिस्तानी नागरिक रोते-बिलखते हुए भारत से अपने देश लौट रहे हैं. कई ऐसे बच्चे हैं, जिनकी मां भारत में रह गई हैं, तो पिता पाकिस्तान में हैं. उसे किसी एक को चुनना पड़ रहा है. कई महिलाएं हैं, तो पाकिस्तान में शादी की हैं, उसे अपने पति से बिछड़ने का डर सता रहा है.

आम आदमी को क्यों परेशान किया जा रहा ?

दिल्ली की एक भारतीय पासपोर्ट धारक, जिसकी कराची में एक पाकिस्तानी से शादी हुई है. शरमीन इरफान कहती हैं, “मेरी शादी को 12 साल हो गए हैं और मेरा एक छोटा बच्चा है. मैं अपनी बीमार मां से मिलने के लिए एक महीने के लिए भारत आई थी. मुझे पाकिस्तान दूतावास से वीजा मिला और उन्होंने मुझे आज ही सीमा पार करने की सलाह दी। जो घटना (पहलगाम में) हुई, वह गलत थी. आतंकवाद खत्म होना चाहिए, लेकिन आम आदमी को क्यों परेशान किया जा रहा है? सरकार को आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.” शरमीन इरफान के भाई मोहम्मद शरीक ने कहा, “मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मैं अपनी बहनों को छोड़ने आया हूं, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट है, लेकिन उन्होंने पाकिस्तानियों से शादी की है. उन दोनों को कल ही पाकिस्तानी वीजा मिला है…पहले ज़मीन का बंटवारा होता था, अब इंसानों का बंटवारा हो रहा है…आतंकवादियों को मार दिया जाना चाहिए. दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) को मिलकर इसका हल निकालना चाहिए.”

भारत सरकार ने पाक नागरिकों को दी बड़ी राहत

पाकिस्तान की ओर से अटारी बॉर्डर का गेट नहीं खोले जाने पर भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने भारत में फंसे पाकिस्तानी नागरिकों को वैलिड ट्रैवल वीजा और जरूरी दस्तावेजों के साथ अगले आदेश तक अपने देश लौट सकते हैं.

786 पाकिस्तानी भारत से गए, 1,465 भारतीय पाकिस्तान से स्वदेश लौटे

पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर जारी सरकारी आदेश के बाद पिछले छह दिनों में 55 राजनयिकों, उनके आश्रितों और सहायक कर्मचारियों सहित 786 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत छोड़ चुके हैं. इसके अलावा 24 अप्रैल से अब तक पंजाब से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए पाकिस्तान से भारत में कुल 1,465 भारतीय आए हैं, जिनमें 25 राजनयिक और अधिकारी शामिल हैं. इसके अतिरिक्त दीर्घकालिक भारतीय वीजा धारक 151 पाकिस्तानी नागरिक भी भारत आए हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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